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April 29 2026 08:19 am

Punjab Police : गुरदासपुर में दहलाने की साजिश नाकाम, भाजपा नेता की दुकान के बाहर मिला ग्रेनेड जैसा संदिग्ध सामान

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News India Live, Digital Desk: पंजाब के गुरदासपुर में एक बार फिर शांति भंग करने की कोशिश की गई है। यहां एक भाजपा नेता की दुकान के बाहर ग्रेनेड जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गनीमत यह रही कि इस वस्तु में कोई विस्फोट नहीं हुआ, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) मौके पर पहुंच गए हैं और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

दहशत का माहौल: भाजपा नेता को निशाना बनाने की कोशिश? मिली जानकारी के अनुसार, यह संदिग्ध सामान गुरदासपुर के एक प्रमुख भाजपा नेता की दुकान के ठीक बाहर पाया गया। सुबह जब दुकान खोलने की तैयारी की जा रही थी, तब वहां मौजूद लोगों की नजर इस संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। इसकी आकृति बिल्कुल एक हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) जैसी थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सीधे तौर पर भाजपा नेता को डराने या नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

पुलिस की मुस्तैदी और जांच जारी सूचना मिलते ही गुरदासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास की दुकानों को बंद करवा दिया है और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे: पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संदिग्ध सामान वहां किसने और किस समय रखा।

फोरेंसिक टीम मौके पर: विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह वास्तव में एक जिंदा ग्रेनेड है या केवल भ्रम फैलाने के लिए रखा गया कोई डमी ऑब्जेक्ट।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी गुरदासपुर एक सीमावर्ती जिला है, इसलिए पुलिस इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। हाल के दिनों में पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाओं को देखते हुए, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी आतंकी मॉड्यूल या शरारती तत्वों का हाथ है जो राज्य का माहौल खराब करना चाहते हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और नेताओं की सुरक्षा पुख्ता की जाए। इस मामले ने एक बार फिर पंजाब में 'लॉ एंड ऑर्डर' और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।