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March 19 2026 05:56 am

मुजफ्फरपुर में बड़ा खेला 19 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया बड़ा अधिकारी

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News India Live, Digital Desk: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। मामला मुजफ्फरपुर जिले का है, जहाँ जिला कृषि पदाधिकारी (District Agriculture Officer - DAO) को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने रंगे हाथों दबोच लिया। यह गिरफ्तारी तब हुई जब वे कथित तौर पर 19,000 रुपये की रिश्वत (Bribe) ले रहे थे।

आखिर माजरा क्या था?

आप सोच रहे होंगे कि एक जिला स्तर का इतना बड़ा अधिकारी महज 19 हजार रुपये के लिए क्यों रिस्क लेगा? लेकिन, हकीकत यही है कि लालच इंसान की मति मार देता है।
बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपने खाद-बीज के लाइसेंस (Fertilizer License) के रिन्यूअल (नवीनीकरण) और दुकान से जुड़े किसी काम के लिए दफ्तर के चक्कर लगा रहा था। लेकिन काम करने के बदले साहब ने "सुविधा शुल्क" यानी घूस की मांग कर दी।

फरियादी भी होशियार था। उसने पैसे देने के बजाय इसकी शिकायत चुपचाप पटना में निगरानी विभाग से कर दी।

विजिलेंस ने ऐसे बिछाया जाल

निगरानी की टीम ने पहले मामले की जांच की और जब पुष्टि हो गई कि घूस मांगी जा रही है, तो उन्होंने अपना जाल बिछाया। टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। जैसे ही फरियादी ने केमिकल लगे हुए नोट अधिकारी के हाथ में थमाए, वैसे ही निगरानी की टीम ने वहां धावा बोल दिया।

'साहब' को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पैसे उनके पास से बरामद हो गए और रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं था।

पूरे विभाग में हड़कंप

जैसे ही जिला कृषि पदाधिकारी की गिरफ्तारी की खबर फैली, पूरे समाहरणालय (Collectorate) और कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। जो छोटे-मोटे कर्मचारी 'ऊपरी कमाई' करते हैं, वो भी दहशत में आ गए।

गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई। अक्सर हम देखते हैं कि अधिकारी यह सोचकर बेफिक्र रहते हैं कि "हमारा कौन क्या बिगाड़ लेगा", लेकिन यह घटना बताती है कि अगर कोई ठान ले, तो बड़े से बड़ा भ्रष्ट अधिकारी भी कानून की पकड़ में आ सकता है।

दोस्तों, अगर आपके आसपास भी कोई अधिकारी काम के बदले पैसे मांगे, तो डरिये मत, सही जगह शिकायत करना ही इसका इलाज है। मुजफ्फरपुर की यह घटना इसका सबसे बड़ा सबूत है।