Zupee layoffs : ऑनलाइन गेमिंग का सुनहरा दौर खत्म? Zupee ने 30% कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
News India Live, Digital Desk: Zupee layoffs : ऑनलाइन गेमिंग की चमचमाती दुनिया, जो कल तक युवाओं के लिए नौकरी और मनोरंजन का एक बड़ा अड्डा थी, आज वहाँ मायूसी और अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। इसकी सबसे ताज़ा और दर्दनाक मिसाल देखने को मिली है मशहूर गेमिंग प्लेटफॉर्म Zupee में, जिसने हाल ही में अपने 30 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
यह कोई छोटी-मोटी छंटनी नहीं है। कंपनी के इस एक फैसले से सैकड़ों कर्मचारी और उनके परिवार अचानक सड़क पर आ गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि आख़िर ऐसा क्या हुआ कि कल तक मुनाफ़ा कमाने वाली एक बड़ी कंपनी को इतना कठोर कदम उठाना पड़ा?
एक सरकारी फैसला और ताश के पत्तों की तरह बिखर गई कंपनी
इस पूरी कहानी की जड़ में है सरकार का वह हालिया फैसला, जिसमें ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (Online Real Money Gaming) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। Zupee जैसी कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल ही इसी पर टिका था।
Zupee के प्लेटफॉर्म पर लोग लूडो, सांप-सीढ़ी और कैरम जैसे अपने पसंदीदा गेम खेलकर असली पैसे जीतते और हारते थे। कंपनी इन्हें 'गेम ऑफ स्किल' यानी कौशल का खेल कहती थी, लेकिन सरकार ने इन्हें मौके का खेल यानी सट्टेबाजी मानते हुए इन पर बैन लगा दिया।
"हमें यह दर्दनाक फैसला लेना पड़ रहा है..." - कंपनी का बयान
इस बड़ी छंटनी के बाद कंपनी के एक प्रवक्ता ने भारी मन से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले ने रातों-रात हमारे बिजनेस मॉडल को ही ख़त्म कर दिया है। जब हमारा मुख्य काम ही बंद हो गया है, तो हमारे पास कर्मचारियों की संख्या कम करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था। हमें बहुत दुख है और भारी मन से हमें यह फैसला लेना पड़ रहा है।"
कर्मचारियों का क्या होगा?
हालांकि, कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों को कुछ राहत देने की कोशिश की है। खबर है कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को तीन महीने की सैलरी का सेवरेंस पैकेज (severance package) दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें दूसरी नौकरी ढूंढने में भी मदद की जा रही है।
अब आगे क्या करेगी Zupee?
Zupee ने अब अपने बचने के लिए एक नया रास्ता निकाला है। कंपनी अब पैसे वाले गेम्स से हटकर पूरी तरह से "नॉन-मनी" स्किल-बेस्ड गेम्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। मतलब, अब आप गेम तो खेल पाएंगे, लेकिन उसमें असली पैसे का कोई लेना-देना नहीं होगा।
यह घटना सिर्फ Zupee की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस पूरी ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर मंडरा रहे खतरे का एक संकेत है, जिसमें हज़ारों लोगों का रोज़गार दांव पर लगा हुआ है।