Zubeen Garg Case : सिंगापुर में मुझ पर जुबिन के साथ रूम शेयर करने का था दबाव, आरोपी महिला के सनसनीखेज खुलासे से मची खलबली
News India Live, Digital Desk: असम के 'हार्टथ्रोब' जुबिन गर्ग की मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय और अधिक उलझती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार की गई सह-गायिका अमृतप्रभा महंत ने पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) के सामने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने इस पूरी ट्रिप के प्रबंधन और इरादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमृतप्रभा का दावा है कि सिंगापुर प्रवास के दौरान होटल में ठहरने की व्यवस्था बेहद 'अजीब' थी और उन पर गायक के साथ कमरा साझा करने का दबाव बनाया गया था।
"मैनेजमेंट के नाम पर बनाया गया दबाव" - आरोपी महिला का कबूलनामा
SIT की पूछताछ के दौरान अमृतप्रभा ने चौंकाने वाला दावा किया कि सिंगापुर के होटल में आयोजकों ने उन्हें जुबिन गर्ग के साथ एक ही कमरे में रहने का निर्देश दिया था।
विरोध की अनदेखी: अमृतप्रभा के अनुसार, "जब मैंने इसका विरोध किया और कहा कि मैं उनके साथ रूम शेयर नहीं कर सकती, तो मुझ पर यह कहकर दबाव बनाया गया कि यह ट्रिप के 'मैनेजमेंट' का हिस्सा है और व्यवस्थाएं पहले से तय हैं।"
आयोजकों की भूमिका: आरोपी महिला ने सीधे तौर पर आयोजक श्यामकानू महंता और मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा कि रहने की इस तरह की व्यवस्था के पीछे उनके अपने उद्देश्य हो सकते हैं।
सिंगापुर की वो काली रात: साजिश या सिर्फ लापरवाही?
असम पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट और अब तक की जांच में कई संदिग्ध बिंदु सामने आए हैं, जो इस केस को हत्या की ओर मोड़ रहे हैं:
| जांच के मुख्य बिंदु | ताजा अपडेट और खुलासे |
|---|---|
| रहस्यमयी लोग | SIT को पता चला है कि जुबिन की मौत से ठीक पहले दो 'अनजान' व्यक्ति उनके कमरे में दाखिल हुए थे। |
| जहर का आरोप | जुबिन के करीबी बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने दावा किया है कि गायक को धीरे-धीरे 'जहर' दिया जा रहा था। |
| सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट | दूसरी ओर, सिंगापुर पुलिस ने अब तक इसे पानी में डूबने से हुई दुर्घटना (Drowning) माना है। |
मैनेजर और आयोजक पर हत्या की धाराएं: असम पुलिस का कड़ा रुख
असम पुलिस की SIT ने अपनी विस्तृत जांच के बाद मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानू महंता को मुख्य आरोपी बनाया है।
इलाज में देरी: जुबिन की पत्नी गरिमा गर्ग का आरोप है कि जब जुबिन की तबीयत बिगड़ रही थी, तब मैनेजर ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय इसे 'सामान्य थकान' बताकर समय बर्बाद किया।
यॉट पार्टी का राज: उस दिन यॉट (नाव) पर कुल 15 लोग सवार थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या जुबिन का संतुलन बिगड़ा था या उन्हें जानबूझकर धक्का दिया गया था।
दो देशों के बीच फंसा कानूनी पेंच
जुबिन गर्ग का मामला अब एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी लड़ाई बन चुका है। जहाँ सिंगापुर की अदालतें इसे एक 'हादसा' मानकर फाइल बंद करना चाहती हैं, वहीं असम पुलिस ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत 'सुनियोजित हत्या' के रूप में दर्ज किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आश्वासन दिया है कि गायक के लाखों प्रशंसकों को न्याय दिलाने के लिए सरकार इस मामले को अंतिम अंजाम तक पहुंचाएगी।