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April 26 2026 06:28 am

इस सर्दी आपका मीठा नीम का पौधा नहीं मरेगा, बस जान लें माली के बताए ये 5 सुनहरे नियम

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News India Live, Digital Desk : घर के खाने में ताज़े करी पत्ते (मीठा नीम) की खुशबू की बात ही कुछ और है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों से लेकर दाल के तड़के तक, यह छोटा सा पत्ता स्वाद में जान डाल देता है। इसीलिए, ज्यादातर घरों में करी पत्ते का पौधा जरूर लगा होता है। लेकिन जैसे ही सर्दियां दस्तक देती हैं, यह हरा-भरा पौधा अचानक उदास, पीला और बेजान सा दिखने लगता है। कई बार तो पत्तियां झाड़कर पौधा पूरी तरह सूख जाता है।

अगर आपकी भी यही समस्या है, तो घबराइए नहीं। यह एक आम समस्या है। असल में, सर्दी का मौसम मीठे नीम के पौधे का 'डोरमेंसी पीरियड' यानी 'आराम का समय' होता है। इस वक्त पौधा सो रहा होता है और अपनी सारी ऊर्जा खुद को जिंदा रखने में लगाता है, न कि बढ़ने में। लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो पौधे को फायदे की जगह नुकसान पहुंचाती हैं।

आइए जानते हैं सर्दियों में अपने करी पत्ते के पौधे को बचाने और उसे हरा-भरा रखने के 5 सबसे जरूरी और आसान नियम।

1. पानी देना कर दें आधा

सर्दियों में सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो है पौधे को रोज-रोज पानी देना। सर्दियों में धूप कम निकलती है और हवा में नमी होती है, जिससे मिट्टी जल्दी सूखती नहीं है। ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ें गलने लगती हैं और पौधा मर जाता है।

  • सही तरीका: पौधे को तभी पानी दें, जब गमले की मिट्टी ऊपर से 1-2 इंच तक पूरी तरह सूख गई हो। अपनी उंगली डालकर मिट्टी की नमी को चेक करें। अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें। 10-15 दिन में एक बार पानी देना भी काफी हो सकता है।

2. खाद देना मतलब पौधे को ज़हर देना

यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन सर्दियों में करी पत्ते के पौधे को खाद देना उसे मारने के बराबर है। जैसा कि हमने बताया, यह पौधे के आराम का समय होता है। जब पौधा सो रहा है, तो उसे खाना खिलाने का कोई मतलब नहीं है। इस वक्त खाद देने से मिट्टी में साल्ट्स (लवण) जमा हो जाते हैं, जो जड़ों को जला सकते हैं।

  • क्या करें: अक्टूबर के बाद से पौधे को किसी भी तरह की खाद (गोबर, वर्मीकम्पोस्ट या केमिकल) देना पूरी तरह बंद कर दें। खाद देने का सही समय फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में होता है, जब पौधे में नई ग्रोथ शुरू होती है।

3. भूलकर भी न करें कटाई-छंटाई (Pruning)

अक्सर लोग पौधे को घना बनाने के लिए उसकी कटाई-छंटाई करते हैं, लेकिन सर्दियों में यह गलती बिल्कुल न करें। प्रूनिंग करने से पौधे में नई कोंपलें निकलने लगती हैं, जो सर्दियों के सर्द मौसम और पाले को बर्दाश्त नहीं कर पातीं और तुरंत मर जाती हैं। इससे पौधे की बची-खुची ऊर्जा भी खत्म हो जाती है।

  • सही समय: कटाई-छंटाई के लिए फरवरी का महीना सबसे अच्छा होता है। इस वक्त की गई प्रूनिंग से बसंत में पौधा तेजी से और घना होकर बढ़ता है।

4. धूप है सबसे बड़ी दवा

करी पत्ते के पौधे को धूप बहुत पसंद होती है। सर्दियों की हल्की और गुनगुनी धूप इसके लिए अमृत का काम करती है। धूप से पौधे को गर्मी मिलती है और वह फंगस जैसी बीमारियों से बचा रहता है।

  • कैसे रखें: अगर आपने पौधा गमले में लगाया है, तो उसे घर की ऐसी जगह पर रखें जहां उसे दिन भर में 4-5 घंटे की सीधी धूप मिल सके, जैसे बालकनी या दक्षिण दिशा की खिड़की के पास।

5. पाले से बचाना है सबसे जरूरी

अगर आप उत्तर भारत में रहते हैं, जहां सर्दियों में पाला पड़ता है, तो यह आपके पौधे का सबसे बड़ा दुश्मन है। रात में पड़ने वाला पाला पौधे की पत्तियों को जला देता है और पौधा शॉक में चला जाता है।

  • बचाव का तरीका: अगर पौधा छोटा और गमले में है, तो रात को उसे किसी शेड के नीचे या घर के अंदर रख दें। अगर पौधा जमीन में लगा है, तो रात में उसे किसी पुराने कपड़े या प्लास्टिक की शीट से ढक दें। सुबह धूप निकलने पर कपड़ा हटा दें।

बस इन 5 आसान नियमों को अपनाकर आप अपने करी पत्ते के पौधे को इस सर्दी मरने से बचा सकते हैं। और फिर देखिए, बसंत आते ही आपका यही पौधा नई पत्तियों से लहलहा उठेगा और झाड़ी जैसा घना हो जाएगा।