Ray-Ban को भूल जाएंगे? लेनोवो के नए चश्मे में छिपा है ऐसा फीचर जो आपको भीड़ में भी अकेला रखेगा
News India Live, Digital Desk: पिछले कुछ समय से हम देख रहे हैं कि 'स्मार्ट चश्मे' (Smart Glasses) का ट्रेंड कितनी तेजी से बढ़ा है। मार्क जुकरबर्ग के 'मेटा रे-बैन' ग्लासेस ने खूब सुर्खियां बटोरीं, लोग चश्मे से ही फोटो खींच रहे हैं और गाने सुन रहे हैं। लेकिन अब इस मैदान में कंप्यूटर जगत के दिग्गज लेनोवो (Lenovo) ने भी एंट्री मार दी है।
लेनोवो ने अपने नए 'Lenovo AI Glasses V1' को लॉन्च करके यह बता दिया है कि वो सिर्फ लैपटॉप बनाने तक सीमित नहीं हैं। यह खबर टेक की दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इसे सीधे तौर पर मेटा के चश्मों का कॉम्पिटिटर माना जा रहा है।
यह मेटा के चश्मे से कैसे अलग है?
देखिए, जहाँ मेटा और रे-बैन का चश्मा स्टाइल और सोशल मीडिया (फोटो-वीडियो) पर ज्यादा फोकस करता है, वहीं लेनोवो का यह चश्मा 'Productivity' और 'Privacy' के लिए बना है। आसान भाषा में कहें तो यह एक "वर्चुअल मॉनिटर" (Virtual Monitor) की तरह काम करता है।
फीचर्स जो आपको हैरान कर देंगे
- आपकी अपनी 'प्राइवेट स्क्रीन': मान लीजिये आप मेट्रो या फ्लाइट में हैं और अपने लैपटॉप पर कोई जरूरी काम करना चाहते हैं, लेकिन डरते हैं कि पड़ोसी आपकी स्क्रीन में झांक रहा है। लेनोवो का यह चश्मा पहनते ही आपको हवा में एक बड़ी सी वर्चुअल स्क्रीन दिखाई देगी, जो सिर्फ आपको दिखेगी। पास बैठा आदमी बस आपके चश्मे को देखेगा, स्क्रीन को नहीं।
- शानदार डिस्प्ले: बताया जा रहा है कि इसकी स्क्रीन क्वालिटी बहुत ही क्रिस्प और साफ है, मानो आप कोई हाई-डेफिनिशन टीवी देख रहे हों। मूवी देखने या कोडिंग करने वालों के लिए यह शानदार अनुभव होगा।
- आसानी से कनेक्ट होगा: इसे आप अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप से आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं। यानी फोन की छोटी स्क्रीन का मज़ा बड़ी वर्चुअल स्क्रीन पर ले सकते हैं।
क्या यह खरीदना चाहिए?
अगर आप गैजेट्स के शौकीन हैं और हमेशा 'कुछ नया' ट्राय करना चाहते हैं, तो यह चश्मा आपको जरूर लुभाएगा। यह उन लोगों के लिए ज्यादा काम का है जो अक्सर सफर करते हैं और उन्हें एक पोर्टेबल बड़ी स्क्रीन की ज़रूरत महसूस होती है।
हालाँकि, अभी इसकी कीमत और आम जनता के हाथ में आने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इतना तय है कि लेनोवो ने भविष्य की एक झलक हमें दिखा दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि लोग 'मेटा की मस्ती' चुनते हैं या 'लेनोवो की स्क्रीन'।
आपको क्या लगता है, क्या चश्मे ही भविष्य के कंप्यूटर हैं?