अब ऑफिस में जूते बाहर और दिमाग अंदर टेक कंपनियों में क्यों पॉपुलर हो रहा है ये अनोखा नियम?
News India Live, Digital Desk : जब हम ऑफिस की बात करते हैं, तो दिमाग में एक ही तस्वीर आती है— चकाचक कपड़े, गले में टाई और पैरों में चमचमाते काले जूते। कॉर्पोरेट वर्ल्ड में इसे ही 'प्रोफेशनलिज्म' माना जाता रहा है। लेकिन, रुकिए! वक्त बदल रहा है और काम करने का तरीका भी।
आजकल टेक कंपनियों (Tech Companies) और नए जमाने के स्टार्टअप्स में एक नया और अनोखा ट्रेंड चल पड़ा है— "नो शूज पॉलिसी" (No Shoes Policy)। यानी, ऑफिस के अंदर आपको अपने जूते-चप्पल बाहर ही उतारकर आना होगा।
सुनने में यह किसी मंदिर या घर जैसा नियम लगता है, है ना? लेकिन बड़ी-बड़ी कंपनियाँ इसे क्यों अपना रही हैं? इसके पीछे कुछ बहुत ही लॉजिकल और दिलचस्प कारण हैं।
1. घर वाली फीलिंग (Home away from home)
स्टार्टअप्स मानते हैं कि हम दिन का सबसे ज्यादा समय ऑफिस में बिताते हैं। अगर कर्मचारी रिलैक्स महसूस नहीं करेगा, तो उसका दिमाग कैसे चलेगा? जूते उतारने के बाद इंसान शारीरिक रूप से ज्यादा हल्का और आरामदेह (Comfortable) महसूस करता है। जब पैर 'जेल' (जूतों) से आज़ाद होते हैं, तो इंसान को 'घर जैसा' सुकून मिलता है, जिससे स्ट्रेस लेवल कम होता है और क्रिएटिविटी बढ़ती है।
2. बीन बैग्स और जमीन पर बैठकर काम
आजकल के मॉडर्न ऑफिसों में सिर्फ कुर्सियां नहीं होतीं। लोग बीन बैग्स, सोफे या कालीन पर बैठकर काम करना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर हर कोई गंदे जूते पहनकर आएगा, तो आप कालीन पर रिलैक्स होकर कैसे बैठ पाएंगे? जूतों के बाहर रहने से ऑफिस का फर्श इतना साफ रहता है कि आप कहीं भी पालथी मारकर अपना लैपटॉप खोल सकते हैं।
3. गंदगी बाहर, सेहत अंदर
जूतों के सोल में सड़कों की हजारों तरह की गंदगी, धूल और बैक्टीरिया चिपके होते हैं। जब हम जूते बाहर उतारते हैं, तो ऑफिस का वातावरण (Air Quality) ज्यादा स्वच्छ रहता है। यह हाइजीन के लिए बहुत जरूरी है, खासकर उन जगहों पर जहाँ एसी (AC) के कारण हवा अंदर ही घूमती रहती है।
4. बराबरी का माहौल (Equality)
यह पॉइंट बड़ा गहरा है। जूते अक्सर 'स्टेटस सिंबल' होते हैं। कोई हजारों के जूते पहनता है, तो कोई साधारण। जब सब जूते उतार देते हैं और जुराबों में या नंगे पैर होते हैं, तो एक मनोवैज्ञानिक स्तर पर 'सब बराबर' लगते हैं। यह टीम में एकता की भावना को बढ़ाता है।
क्या यह अजीब नहीं है?
शुरुआत में लोगों को यह अजीब लग सकता है, लेकिन जिन ऑफिसों में यह लागू हुआ है, वहां के कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें जूते पहनकर बैठने में ही अजीब लगता है। कई कंपनियाँ तो अपने कर्मचारियों को ऑफिस के अंदर पहनने के लिए सॉफ्ट स्लीपर्स भी देती हैं।
तो दोस्तों, अगर कल आपका बॉस कहे कि "भाई, जूते बाहर उतार दे", तो हैरान मत होना। समझ लेना कि आपका ऑफिस अब मॉडर्न हो रहा है!