ChatGPT से प्यार से बात करना पड़ सकता है भारी? रूखे व्यवहार का ये फायदा जान चौक जाएंगे आप

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News India Live, Digital Desk: जब भी हम ChatGPT या किसी और AI चैटबॉट से कुछ पूछते हैं, तो अक्सर लिखते हैं  "Please, क्या तुम मेरे लिए यह ईमेल लिख दोगे?" या जवाब मिलने पर "Thank you" कहना नहीं भूलते। हमें लगता है कि अच्छे से बोलेंगे तो AI भी अच्छे से काम करेगा।

लेकिन, हाल ही में आई एक नई रिसर्च (Study) ने इस पूरी थ्योरी को पलट कर रख दिया है। वैज्ञानिकों और डेटा एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप ChatGPT से सटीक और टू-द-पॉइंट जवाब चाहते हैं, तो "कृपया" और "धन्यवाद" बोलना बंद कर दीजिये। जी हाँ, थोड़ा 'रूखा' (Rude) या सख्त होना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

आखिर प्यार की भाषा क्यों नहीं समझता AI?
सुनने में यह थोड़ा अजीब लगता है कि बदतमीजी से काम कैसे सुधर सकता है? दरअसल, इसके पीछे एक टेक्निकल वजह है।

जब हम बहुत ज्यादा "Would you please...", "Kindly..." या "I was wondering if..." जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो हम प्रॉम्प्ट (Prompt) में बहुत सारे 'अनावश्यक शब्द' (Noise) भर देते हैं। AI मॉडल एक मशीन है। जब उसे सीधे और सख्त निर्देश मिलते हैं, तो उसे समझने में आसानी होती है कि आखिर आप चाहते क्या हैं।

ज्यादा शिष्टाचार वाली भाषा कई बार AI को कन्फ्यूज कर देती है और वो मेन मुद्दे से भटक जाता है।

स्टडी में क्या निकला?
रिसर्च में देखा गया कि जिन लोगों ने "बिना किसी लाग-लपेट के" सीधे और कड़े शब्दों में निर्देश दिए, उन्हें ज्यादा एक्यूरेसी (Accuracy) मिली।

  • विनम्र तरीका: "क्या आप प्लीज मुझे बता सकते हैं कि ये कैसे होगा?" (इसमें AI को ज्यादा सोचना पड़ता है)।
  • सख्त/रूखा तरीका: "मुझे यह समझाओ। अभी।" (यह AI के लिए एक साफ़ कमांड है)।

वैज्ञानिकों ने पाया कि 'असभ्य' या 'डायरेक्ट' प्रॉम्प्ट्स ने कई मामलों में जटिल सवालों के जवाब ज्यादा बेहतर दिए। ऐसा लगता है कि जब हम दबाव बनाते हैं या सीधा आर्डर देते हैं, तो AI अपना पूरा 'दिमाग' फोकस कर लेता है।

तो क्या अब हम गाली-गलौज पर उतर आएं?
अरे नहीं! इसका मतलब यह नहीं है कि आप AI को बुरा-भला कहने लगें। इसका सीधा सा मतलब यह है कि 'प्रोफेशनल' बनें।
आप जैसे किसी जूनियर को आर्डर देते हैं, वैसे ही कमांड दें। फालतू की बातें न लिखें। आपका समय भी बचेगा और जवाब भी बढ़िया मिलेगा।

तो अगली बार जब ChatGPT खोलें, तो 'प्लीज' की जगह सीधे काम की बात करके देखें, शायद आपको फर्क साफ नजर आए!