BREAKING:
April 17 2026 09:31 pm

भारत को करीब लाया आपने पाकिस्तान को चुना' ट्रंप के फैसले पर भड़के राम इमानुएल, दे डाली बड़ी चेतावनी

Post

News India Live, Digital Desk:अमेरिका की सत्ता के गलियारों में इस समय एक बड़े कूटनीतिक फैसले को लेकर घमासान मचा हुआ है। जापान में अमेरिका के पूर्व राजदूत और कद्दावर नेता राम इमानुएल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर तीखा प्रहार किया है। इमानुएल ने ट्रंप को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते जिस ऊंचाई पर पहुंचे थे, ट्रंप के एक फैसले ने उसे जोखिम में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन का झुकाव फिर से पाकिस्तान की ओर दिख रहा है, जो भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

सालों की मेहनत पर फिरा पानी? इमानुएल का दर्द

राम इमानुएल ने एक साक्षात्कार के दौरान अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि बाइडन प्रशासन और उससे पहले के राजनयिकों ने दिन-रात एक करके भारत को अमेरिका का सबसे भरोसेमंद साझेदार बनाया था। रक्षा सौदों से लेकर तकनीकी सहयोग तक, दोनों देश एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे। इमानुएल का दावा है कि ट्रंप की हालिया बयानबाजी और कुछ रणनीतिक फैसलों से ऐसा संकेत मिल रहा है कि वे भारत के बजाय पाकिस्तान को तरजीह दे रहे हैं, जिससे दक्षिण एशिया का संतुलन बिगड़ सकता है।

क्या फिर से बदल रही है अमेरिकी विदेश नीति?

डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत कई बार ऐसे फैसले लिए गए हैं जो पारंपरिक सहयोगियों को चौंका देते हैं। इमानुएल का कहना है कि अगर अमेरिका फिर से पाकिस्तान के साथ पुराने ढर्रे पर लौटता है, तो इससे भारत के साथ बने विश्वास के सेतु को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन के बढ़ते दबदबे को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी है, और ऐसे में पाकिस्तान को चुनना अमेरिका की एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकती है।

ट्रंप और भारत के रिश्तों पर टिकी दुनिया की नजर

हालांकि ट्रंप के समर्थकों का तर्क है कि राष्ट्रपति हर देश के साथ स्वतंत्र संबंध रखना चाहते हैं, लेकिन इमानुएल के इस बयान ने वाशिंगटन में नई बहस छेड़ दी है। भारत के साथ क्वॉड (QUAD) और आई2यू2 (I2U2) जैसे मंचों पर अमेरिका की सक्रियता क्या अब कम होगी? यह सवाल अब उठने लगा है। इमानुएल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कूटनीति भावनाओं से नहीं, बल्कि भरोसे और निरंतरता से चलती है, जिसे ट्रंप प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है।