Yogi Govt Action : काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का अधिकारियों को अल्टीमेटम
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आ रही है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित की योजनाओं और सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहेंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता की समस्याओं का तुरंत हो समाधान
बैठक के दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने निर्देश दिया कि तहसील और जिला स्तर पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा:
फाइलें न लटकाएं: किसी भी प्रोजेक्ट या जनसमस्या से जुड़ी फाइल मेज पर ज्यादा समय तक नहीं रुकनी चाहिए।
ग्राउंड जीरो पर रिपोर्ट: अधिकारी केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि धरातल पर जाकर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करें।
भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस': विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की सूचना मिलने पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गर्मी और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
आगामी महीनों में सिंचाई और पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए मंत्री ने 'नमामि गंगे' और 'हर घर जल' योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
नहरों की सफाई का काम समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए टेल (अंतिम छोर) तक नहरों का संचालन सुनिश्चित हो।
नलकूपों की मरम्मत में देरी होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिशासी अभियंता की जवाबदेही तय होगी।
अधिकारियों को सख्त हिदायत: 'बदलें अपनी कार्यशैली'
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, "अधिकारी अपनी कार्यशैली सुधारें। यदि किसी की भी ओर से लापरवाही या काम में देरी की सूचना मिली, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।" इस बैठक के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई विभागों में आकस्मिक निरीक्षण (Surprise Inspection) की झड़ी लग सकती है।