yoga For Digestion : पेट में जमी गंदगी से हैं परेशान? ये 2 आसान योगासन दिला सकते हैं कब्ज से छुटकारा

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News India Live, Digital Desk:  yoga For Digestion : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान की आदतों ने हमें कई स्वास्थ्य समस्याएं दी हैं, जिनमें से एक है कब्ज. पेट का ठीक से साफ न होना न सिर्फ आपको दिनभर असहज महसूस कराता है, बल्कि यह कई दूसरी बीमारियों की जड़ भी बन सकता है. लोग इससे छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह की दवाइयां और चूर्ण लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बहुत ही आसान और असरदार इलाज योग में छिपा है?

जी हां, दो ऐसे चमत्कारी योगासन हैं जिन्हें अगर आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो कब्ज की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है. ये आसन हैं - पवनमुक्तासन और मलासन. आइए, जानते हैं कि ये आसन कैसे काम करते हैं और इन्हें करने का सही तरीका क्या है.

1. पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose)

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, यह आसन पेट में फंसी हुई गैस (पवन) को बाहर निकालने (मुक्त करने) में मदद करता है. यह आसन हमारे पाचन तंत्र पर सीधा असर डालता है और आंतों की मालिश करके मल को आगे बढ़ाने में मदद करता है.

कैसे करें पवनमुक्तासन?

  1. पीठ के बल बिल्कुल सीधे लेट जाएं और अपने पैरों को सीधा रखें.
  2. अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने दोनों घुटनों को मोड़ें और उन्हें अपनी छाती की ओर लाएं.
  3. अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर घुटनों को पकड़ लें और उन्हें पेट पर दबाने की कोशिश करें.
  4. अब सांस लेते हुए अपना सिर जमीन से ऊपर उठाएं और अपनी ठोड़ी या नाक को घुटनों से छूने का प्रयास करें.
  5. इस स्थिति में अपनी क्षमता के अनुसार 20 से 30 सेकंड तक रुकें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें.
  6. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस अपनी पुरानी स्थिति में आ जाएं. इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं.

2. मलासन (Garland Pose)

'मल' का अर्थ है गंदगी. यह आसन शरीर से मल को बाहर निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाता है. यह हमारी आंतों को उस सही स्थिति में लाता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है. दरअसल, यह वही देसी उकड़ू बैठने की मुद्रा है, जिसे हमारे बड़े-बुजुर्ग अपनाते थे और स्वस्थ रहते थे.

कैसे करें मलासन?

  1. दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाकर सीधे खड़े हो जाएं.
  2. अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की ओर बैठें, ठीक वैसे ही जैसे देसी टॉयलेट में बैठते हैं (स्क्वाट पोजीशन).
  3. आपके पैर पूरी तरह से जमीन पर टिके होने चाहिए.
  4. अब अपनी दोनों कोहनियों को अपने घुटनों के अंदर की तरफ रखें और दोनों हाथों को छाती के सामने प्रणाम की मुद्रा में जोड़ लें.
  5. कोहनियों से घुटनों पर हल्का सा दबाव डालें ताकि वे बाहर की ओर फैलें.
  6. अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने की कोशिश करें. इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रहें.
  7. इसके बाद धीरे-धीरे वापस खड़े हो जाएं.

कब करें ये आसन?
इन दोनों आसनों को करने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है. रोज सुबह सिर्फ 5 से 10 मिनट इन आसनों को करने से आप देखेंगे कि आपकी कब्ज की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो रही है.

एक जरूरी बात: अगर आपके घुटनों, कमर या पेट में कोई गंभीर समस्या है या हाल ही में कोई ऑपरेशन हुआ है, तो इन आसनों को करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय, योग के इन सरल उपायों को अपनाकर आप एक स्वस्थ और कब्ज-मुक्त जीवन पा सकते हैं.