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April 18 2026 01:08 pm

झारखंड में लू का येलो अलर्ट 4 जिलों में सूरज दिखाएगा कड़े तेवर, पारा 42°C के पार

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News India Live, Digital Desk : झारखंड में अप्रैल महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को राज्य के चार प्रमुख जिलों के लिए हीटवेव (लू) का येलो अलर्ट जारी किया है। कोल्हान प्रमंडल के जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

इन 4 जिलों में 'हीटवेव' का सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी सबसे ज्यादा परेशान करेगी। येलो अलर्ट वाले मुख्य जिले हैं:

पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)

पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)

सरायकेला-खरसावां

पलामू (मेदिनीनगर)

इन जिलों में गर्म पछुआ हवाओं के कारण दोपहर के समय लू चलने की प्रबल संभावना है। जमशेदपुर और सरायकेला में अधिकतम तापमान 42.5°C से 43°C के बीच दर्ज किया जा रहा है।

रांची सहित अन्य शहरों का हाल

रांची: राजधानी रांची में भी गर्मी का असर तेज है। यहाँ पारा 39°C से 40°C के करीब पहुंच गया है। हालांकि, यहाँ लू की स्थिति फिलहाल नहीं है, लेकिन उमस और सीधी धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है।

धनबाद और बोकारो: इन औद्योगिक शहरों में भी तापमान 40 डिग्री के पार बना हुआ है। कंक्रीट के स्ट्रक्चर और प्रदूषण के कारण रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

राहत की उम्मीद: कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश के आसार

गर्मी के इस सितम के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी दी है। 17 अप्रैल की शाम या रात को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों (संताल परगना) में कहीं-कहीं आंशिक बादल छा सकते हैं और गर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

काल बैसाखी का असर: अप्रैल और मई के महीने में झारखंड में 'काल बैसाखी' (Nor'westers) के कारण अचानक आंधी-बारिश की संभावना बनी रहती है, जिससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आ सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी

भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

दोपहर 12 से 3 बजे तक: बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें।

पानी का भरपूर सेवन: प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें और ओआरएस या नींबू पानी का प्रयोग करें।

बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: तेज धूप बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो सकती है, उन्हें सीधी धूप से बचाएं।