पलामू में कोहराम, तेज रफ्तार SUV ने मोपेड को रौंदा 3 नाबालिग दोस्तों की मौत, चंडीगढ़ में मजदूरी का टूटा सपना
News India Live, Digital Desk: झारखंड के पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार की रात 'गहर पथरा मोड़' के पास एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) ने मोपेड सवार तीन नाबालिग लड़कों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में तीनों बच्चों की जान चली गई। हादसे की खबर मिलते ही शोले गांव में चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पहचान तौहीद अंसारी (16), ईब्रान अंसारी (13) और फिरोज अंसारी (12) के रूप में हुई है।
बाजार से लौटते वक्त काल बनी रफ्तार
जानकारी के अनुसार, तीनों किशोर दोस्त थे और गुरुवार शाम 'सिरमा बाजा बाजार' गए थे। रात में जब वे मोपेड से अपने गांव शोले लौट रहे थे, तभी मेदिनीनगर-पाटन मुख्य मार्ग पर सामने से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर काफी दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
पिताओं के लौटने का इंतजार, बर्फ में रखे गए शव
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि तीनों मृतक बच्चों के पिता घर की माली हालत सुधारने के लिए चंडीगढ़ में मजदूरी करते हैं।
इंतजार: ईब्रान के पिता घर पर ही थे, लेकिन तौहीद और फिरोज के पिता चंडीगढ़ में थे। घटना की सूचना मिलते ही वे गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
अंतिम संस्कार: परिजनों ने निर्णय लिया है कि जब तक पिताओं की घर वापसी नहीं हो जाती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बच्चों के पार्थिव शरीरों को बर्फ के सहारे दो दिनों तक संरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
पुलिस की कार्रवाई: वाहन जब्त, चालक फरार
घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी शशि शेखर पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
अस्पताल में घोषणा: पुलिस ने अचेत अवस्था में तीनों को एमआरएमसीएच (MRMCH) भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फरार चालक की तलाश: पुलिस ने दुर्घटना में शामिल एसयूवी को जब्त कर लिया है, हालांकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
पोस्टमार्टम: शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
गांव में छाया सन्नाटा
शोले गांव में इस वक्त चूल्हा तक नहीं जला है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों बच्चे मिलनसार थे और अक्सर साथ ही देखे जाते थे। सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में रोष है; उनका कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर हादसों को दावत देती है, लेकिन प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में विफल रहा है।