रूस पर यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला: 800 से ज्यादा ड्रोन्स से दहला मॉस्को और रोस्तोव, 6 की मौत
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में यूक्रेन की ओर से अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक ड्रोन हमला देखने को मिला है। यूक्रेनी सेना ने एक साथ सैकड़ों लंबी दूरी के आत्मघाती और टोही ड्रोन्स की झड़ी लगाकर रूस के पश्चिमी, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों को निशाना बनाया। रूसी रक्षा मंत्रालय और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस अभूतपूर्व हमले में कम से कम 6 रूसी नागरिकों की जान चली गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। राजधानी मॉस्को से लेकर यूक्रेन की सीमा से सटे रोस्तोव क्षेत्र तक रात भर हवाई हमलों के सायरन बजते रहे और रूसी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय रहे।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि उसके हवाई रक्षा बलों और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स ने रात भर के ऑपरेशन में कुल 822 यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया या निष्प्रभावी कर दिया। वहीं मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने पुष्टि की कि अकेले मॉस्को क्षेत्र की ओर 600 से अधिक ड्रोन भेजे गए थे, जिनमें से 200 से अधिक को राजधानी के बाहरी सुरक्षा घेरे में ही नष्ट कर दिया गया। रूसी अधिकारियों ने इसे पिछले दो वर्षों में मॉस्को पर हुआ सबसे बड़ा हवाई हमला करार दिया है, जिसने रूसी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।
मॉस्को के पोडॉल्स्क में ई-कॉमर्स दिग्गज वाइल्डबेरी का 2 लाख वर्ग मीटर वेयरहाउस खाक
इस ड्रोन हमले का सबसे बड़ा और दृश्यमान नुकसान राजधानी मॉस्को के ठीक दक्षिण में स्थित पोडॉल्स्क (Podolsk) औद्योगिक क्षेत्र में देखने को मिला। यहां रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनी 'वाइल्डबेरी' (Wildberries) के विशालकाय वितरण केंद्र (Distribution Warehouse) पर यूक्रेनी ड्रोन का मलबा या सीधा हमला हुआ।
हमले के तुरंत बाद लगभग 2,00,000 (दो लाख) वर्ग मीटर में फैले इस विशाल वेयरहाउस परिसर में भीषण आग लग गई। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं और घने काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। आपातकालीन स्थिति मंत्रालय (EMERCOM) के सैकड़ों दमकलकर्मियों और हेलीकॉप्टरों को आग पर काबू पाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने पुष्टि की कि हमले में एक 83 वर्षीय बुजुर्ग नागरिक की एक निजी घर पर ड्रोन गिरने से मौत हो गई, जबकि वेयरहाउस में अरबों रूबल का सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
रोस्तोव क्षेत्र में 5 लोगों की मौत और रेलवे स्टेशन को भारी नुकसान
यूक्रेन की सीमा से सटे रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र में इस हमले का सबसे घातक असर देखने को मिला। रोस्तोव के गवर्नर यूरी स्लीयुसार के अनुसार, क्षेत्र के तीन अलग-अलग शहरों को निशाना बनाकर 150 से अधिक ड्रोन्स से हमला किया गया।
रोस्तोव में हुए हमलों के मुख्य बिंदु:
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नागरिक हताहत: रिहायशी बस्तियों पर ड्रोन के मलबे गिरने और विस्फोटों के कारण 5 निर्दोष नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और 9 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह: एक प्रमुख रेलवे स्टेशन और मालगाड़ियों के जंक्शन पर ड्रोन गिरने से सिग्नलिंग सिस्टम और पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे कई घंटों तक रेल यातायात बाधित रहा।
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जंगलों में लगी आग: हमले के बाद ग्रामीण इलाकों में फैले सूखे जंगलों में आग भड़क उठी, जिसे बुझाने के लिए विशेष आपदा दलों को तैनात करना पड़ा।
यूक्रेन की नई रणनीति: रूसी अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स रीढ़ पर सीधा प्रहार
सैन्य और रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन ने अपनी युद्ध रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन ने अपने स्वदेशी लंबी दूरी के ड्रोन्स की मारक क्षमता को 1,500 मील (लगभग 2,400 किलोमीटर) तक बढ़ा लिया है। इसके दम पर कीव अब फ्रंटलाइन के मोर्चों से परे सीधे रूस के भीतर स्थित ऑयल रिफाइनरियों, हथियार डिपो और नागरिक उपयोग वाले बड़े लॉजिस्टिक्स हब्स को निशाना बना रहा है।
वाइल्डबेरी जैसी कंपनियों के वेयरहाउसों को निशाना बनाने के पीछे यूक्रेन का उद्देश्य रूसी आपूर्ति शृंखला को तोड़ना, घरेलू अर्थव्यवस्था को आर्थिक चोट पहुंचाना और आम रूसी नागरिकों के मन में युद्ध के मनोवैज्ञानिक दबाव को बढ़ाना है। पिछले एक महीने के भीतर यूक्रेन इस प्रकार के लगभग 20 प्रमुख वेयरहाउस और स्टोरेज डिपो पर हमले कर चुका है।
रूस का पलटवार: यूक्रेन के कीव, क्रिवी रिह और सुमी में दागी मिसाइलें
मॉस्को और अन्य क्षेत्रों पर हुए इस भारी ड्रोन हमले के जवाब में रूसी सेना ने भी यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने मध्य यूक्रेन के औद्योगिक शहर क्रिवी रिह में एक बड़े मेटलर्जिकल प्लांट और राजधानी कीव में यूक्रेन के 'फ्लेमिंगो' मिसाइल निर्माण केंद्र समेत कई सैन्य ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि क्रिवी रिह में रूसी मिसाइल हमले में 2 लोगों की मौत हुई और 14 घायल हो गए। वहीं सुमी और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में भी रूसी हमलों से जनहानि हुई। राजधानी कीव के ओबोलोन्स्की जिले में स्थित प्रसिद्ध पेत्रोव्का बुक मार्केट में भीषण आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ।
नाटो सीमा पर तनाव: रोमानियाई हवाई क्षेत्र में स्पेनिश लड़ाकू विमान ने मार गिराया ड्रोन
रूस और यूक्रेन के इस भीषण टकराव की आंच अब नाटो (NATO) सदस्य देशों की सीमाओं तक भी पहुंच गई है। हमले के दौरान एक संदिग्ध रूसी ड्रोन भटककर रोमानियाई हवाई क्षेत्र में दाखिल हो गया। नाटो के ब्लैक सी एयर पुलिसिंग मिशन के तहत तैनात स्पेन के एफ-18 (F-18) लड़ाकू विमान ने सुबह तड़के तत्काल उड़ान भरी और उस ड्रोन को रोमानियाई सीमा के पास मार गिराया।
नाटो के सैन्य प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि गठबंधन अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। फिनलैंड और पोलैंड जैसे पड़ोसी देशों ने भी एहतियात के तौर पर अपने कुछ हवाई क्षेत्रों में उड़ानों पर अस्थाई प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
निष्कर्ष: चार साल से अधिक लंबे युद्ध में ड्रोन वॉरफेयर का नया और खतरनाक दौर
रूस के भीतर यूक्रेन का यह सबसे बड़ा ड्रोन हमला इस बात का पुख्ता संकेत है कि युद्ध अब दोनों पक्षों के लिए 'ड्रोन वॉरफेयर' के एक विनाशकारी स्तर पर पहुंच चुका है। जहां रूस अपनी हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेनी बुनियादी ढांचे पर दबाव बना रहा है, वहीं यूक्रेन सस्ते और झुंड में उड़ने वाले लंबी दूरी के ड्रोन्स के जरिए रूसी हवाई रक्षा की कमजोरियों को उजागर कर रहा है। इस तरह के गहरे हमलों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं और क्षीण हो गई हैं, और आने वाले दिनों में दोनों ओर से जवाबी हवाई हमलों का यह खूनी सिलसिला और अधिक तेज होने की आशंका है।