अमेरिका में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया शुरू, एक भारतीय मूल के व्यक्ति समेत 40 लोगों पर गिरेगी गाज

अमेरिका में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया शुरू, एक भारतीय मूल के व्यक्ति समेत 40 लोगों पर गिरेगी गाज

संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने आव्रजन और नागरिकता के नियमों को लेकर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की अपनी अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कानूनी कार्रवाई के तहत भारतीय मूल के एक व्यक्ति समेत कुल 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता को आधिकारिक तौर पर रद किया जाएगा। इस बड़े कदम से अमेरिका में रहने वाले विदेशी मूल के नागरिकों के बीच हड़कंप मच गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग की बड़ी कार्रवाई

अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन सभी 40 लोगों के खिलाफ विभिन्न अमेरिकी अदालतों में नागरिकता रद्द करने (Denaturalization) की कानूनी कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को इस सूची में शामिल किया गया है, उन्होंने धोखे से या गलत दस्तावेजों के आधार पर अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।

इन सभी पर बहुत ही गंभीर प्रकृति के आरोप तय किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से किसी विदेशी सरकार के गुप्त एजेंट के रूप में काम करना, गैर इरादतन हत्या (Manslaughter) जैसे जघन्य अपराध और एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ किए गए यौन अपराध शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन ऐसे गंभीर मामलों में लिप्त व्यक्तियों को देश की नागरिकता देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है।

भारतीय मूल के बलविंदर सिंह पर भी शिकंजा

इस बहुचर्चित और बड़े मामले में कैलिफोर्निया राज्य के रहने वाले भारतीय मूल के बलविंदर सिंह (Balwinder Singh) का नाम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा सिंह के खिलाफ राज्य की पूर्वी जिला अदालत में नागरिकता रद्द करने की औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। बलविंदर सिंह पर मुख्य रूप से यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश किया था और बाद में इन्हीं फर्जी आधारों पर अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।

कई अन्य देशों के नागरिक भी हैं सूची में शामिल

यह कार्रवाई केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है। जिन लोगों की नागरिकता रद करने की यह प्रक्रिया शुरू की गई है, उनमें भारत के अलावा पाकिस्तान, मैक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे विभिन्न देशों के नागरिक भी शामिल हैं।अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टाड ब्लांश (Todd Blanche) ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा, "आज की यह घोषणा हमारे आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की अब तक की सबसे बड़ी और सख्त प्रक्रिया की शुरुआत है। अमेरिका की सुरक्षा और कानून के शासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।" प्रशासन के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि आव्रजन कानूनों के उल्लंघन और धोखाधड़ी के मामलों में अब सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।