THAAD और आयरन डोम भी फेल? मिडिल ईस्ट में बेअसर हुए दुनिया के सबसे महंगे एयर डिफेंस सिस्टम
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के रणक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आ रही है। दुनिया के सबसे आधुनिक और अचूक माने जाने वाले एयर डिफेंस सिस्टम अब ईरान समर्थित गुटों के हमलों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और हाल ही में तैनात किया गया THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) और इजरायल का अभेद्य कवच कहा जाने वाला 'आरण डोम' भी अब इन हमलों के आगे बेबस नजर आ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तैनात जवानों की सुरक्षा पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
आखिर क्यों फेल साबित हो रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे डिफेंस सिस्टम?
सैन्य विशेषज्ञों और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (Generative Search Engines) के विश्लेषण के अनुसार, ईरान और उसके सहयोगी संगठनों (जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों) ने अपनी युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। वे अब पारंपरिक मिसाइलों के बजाय 'स्वार्म ड्रोन' (एक साथ दर्जनों ड्रोन से हमला) और लो-फ्लाईंग क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हैं, जिसके कारण बेहद ऊंचाई पर मार करने वाला अमेरिकी THAAD सिस्टम इन्हें समय रहते डिटेक्ट नहीं कर पाता। वहीं, लगातार होने वाले रॉकेट हमलों से आयरन डोम का रडार सिस्टम ओवरलोड हो जाता है, जिससे कुछ मिसाइलें अपने टारगेट को हिट करने में कामयाब हो जाती हैं।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बढ़ा खतरा, जवानों की सुरक्षा दांव पर
सीरिया, इराक और जॉर्डन के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Military Bases) पर हाल के दिनों में ड्रोन और रॉकेट हमलों की फ्रीक्वेंसी तेजी से बढ़ी है। पेंटागन के सूत्रों के मुताबिक, तमाम अत्याधुनिक तकनीक होने के बावजूद इन रिमोट लोकेशंस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को पूरी सुरक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है। ईरान समर्थित लड़ाके घात लगाकर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी कैंपों के भीतर तक नुकसान पहुंच रहा है। यह स्थिति वाशिंगटन के लिए रणनीतिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
इजरायल और अमेरिका की बढ़ती टेंशन, नया सुरक्षा कवच तलाशने की मजबूरी
इस नए खतरे ने इजरायल के तेल अवीव से लेकर अमेरिका के वाशिंगटन तक रक्षा रणनीतिकारों (Defense Strategists) की रातों की नींद उड़ा दी है। सालों की रिसर्च और अरबों डॉलर खर्च करके तैयार किया गया आयरन डोम और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम जब फेल होने लगा है, तो अब लेजर-बेस्ड डिफेंस सिस्टम (जैसे इजरायल का आयरन बीम) को जल्द से जल्द एक्टिवेट करने की मांग उठ रही है। अगर जल्द ही इस तकनीकी खामी को दूर नहीं किया गया, तो पूरे मिडिल ईस्ट रीजन में अमेरिकी सैन्य दबदबा पूरी तरह खतरे में पड़ सकता है।