ईरान के तटीय इलाकों में जोरदार धमाके: सऊदी के किंग फहद एयरबेस तक गूंजी आवाजें; ट्रंप का दावा- US मिडटर्म चुनाव बाद तुरंत थमेगी जंग
पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव के बीच फारस की खाड़ी और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित ईरानी तटीय इलाकों में सिलसिलेवार भारी विस्फोटों की आवाजें गूंज उठी हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मोज्गान प्रांत के प्रमुख तटीय शहरों—सिरिक (Sirik) और मीनाब (Minab) के अलावा रणनीतिक किशम द्वीप (Qeshm Island) के आसपास कई तेज धमाके दर्ज किए गए।
होर्मोज्गान के स्थानीय प्रांतीय प्रशासन (Hormozgan Governorate) ने इन घटनाओं पर प्राथमिक बयान देते हुए कहा कि किशम और आसपास के इलाकों में सुनाई दिए इन धमाकों की उत्पत्ति समुद्र (Sea) की तरफ से हुई प्रतीत होती है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन विस्फोटों के सटीक कारणों, किसी एयर डिफेंस इंटरसेप्शन या सैन्य लक्ष्यों पर प्रत्यक्ष हमले के संबंध में आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया है।
सऊदी अरब के किंग फहद एयरबेस तक पहुंची आंच: सैन्य ठिकानों पर हाई अलर्ट
ईरानी तटीय क्षेत्रों में मचे हड़कंप के ठीक समानांतर, सऊदी अरब के प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों के निकट भी विस्फोटों और भारी धमाकों की रिपोर्ट सामने आई हैं। रक्षा सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के मुताबिक, सऊदी अरब के रणनीतिक किंग फहद एयरबेस (King Fahd Air Base) के आसपास तेज विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यमन के हूती विद्रोही और ईरान समर्थित मिलिशिया समूह खाड़ी में अमेरिकी अभियानों को सहयोग दे रहे क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सऊदी एयरबेस के निकट हुए इन धमाकों के बाद सऊदी रक्षा बलों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है और आसपास के सैन्य व ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ट्रंप का सनसनीखेज दावा: 'अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद तुरंत खत्म हो जाएगी जंग'
इस अप्रत्याशित सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के डलास में आयोजित रिपब्लिकन पार्टी के मिडटर्म सम्मेलन में रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अमेरिका में आगामी 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि तेहरान अब सैन्य और आर्थिक रूप से टूटने की कगार पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने और वाशिंगटन में एक कमजोर प्रशासन की उम्मीद में संघर्ष को लंबा खींचने की हताश कोशिश कर रहा है, ताकि उस पर से अंतरराष्ट्रीय दबाव हट जाए और वह परमाणु हथियार विकसित कर सके। ट्रंप ने दो टूक कहा, "उन्हें सिर्फ परमाणु हथियार चाहिए, और अगर उनके पास परमाणु हथियार आ गया, तो पूरी दुनिया भारी संकट में पड़ जाएगी। चुनाव के बाद ईरान के पास टिकने का कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
वाशिंगटन समझौते की जल्दी में नहीं: 9 ईरानी टैंकर तबाह करने का दावा
पत्रकारों द्वारा कूटनीतिक वार्ताओं की बहाली को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल किसी जल्दबाजी में समझौता करने की तलाश में नहीं है। उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी सैन्य स्ट्राइक्स ने ईरानी तंत्र को अंदर तक कमजोर कर दिया है। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अभियानों के दौरान ईरान के लगभग नौ बड़े तेल टैंकरों और जहाजों को निष्क्रिय या नष्ट कर दिया है, और यदि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाना जारी रखा तो उसे और भी जहाजों से हाथ धोना पड़ेगा।
हूतियों पर मार्को रुबियो के आरोपों को ईरान ने नकारा
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmail Baghaei) ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा लगाए गए उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यमन के हूती (अंसारुल्लाह) को तेहरान की कठपुतली बताया गया था। बघाई ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि अंसारुल्लाह एक स्वतंत्र यमनी आंदोलन है जो अपने फैसले खुद लेता है और किसी से आदेश नहीं लेता। उन्होंने पश्चिम एशिया में अस्थिरता का मुख्य कारण अमेरिकी सैन्य दखलअंदाजी को ठहराते हुए वाशिंगटन को क्षेत्र से बाहर निकलने की चेतावनी दी।
समुद्र में जहाजों पर हमले, ईरानी तटों पर धमाके और सऊदी बेस तक पहुंची इस चिंगारी ने कच्चे तेल की कीमतों को $100 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।