सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी: रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप, 24 अक्टूबर तक भारतीय फ्लाइट्स निलंबित
सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे या वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों के लिए अहम सुरक्षा अलर्ट और ट्रेवल अपडेट सामने आया है। खाड़ी क्षेत्र में हालिया सुरक्षा परिस्थितियों और रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के गंभीर व्यवधान के बाद भारतीय दूतावास ने एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन बंद होने के चलते भारतीय विमानन कंपनियों—एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो—ने अपनी सेवाओं को 24 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह निलंबित कर दिया है। इस अचानक हुए बदलाव से उमरा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों, नौकरीपेशा प्रवासियों और व्यवसाय के सिलसिले में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय से अत्यंत सतर्कता बरतने और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए जा रहे आधिकारिक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की जोरदार अपील की है। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए नागरिकों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने, खिड़कियों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील घटना या हमले से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड कर साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें 24 अक्टूबर तक सस्पेंड: यात्रियों के लिए रिफंड और री-शेड्यूलिंग
रियाद हवाई अड्डे पर पैदा हुए हालात के चलते भारतीय विमानन क्षेत्र पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ा है। पहले जहां उड़ानों को सीमित समय के लिए रोका गया था, वहीं सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद अब निलंबन की अवधि को 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद के साथ-साथ जेद्दा और दम्मम के लिए भी कई रूटों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसी तरह देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो ने भी सऊदी अरब के सभी प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानों का परिचालन 24 अक्टूबर तक स्थगित रखने का आधिकारिक ऐलान किया है।
एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों के लिए पूर्ण रिफंड (Full Refund) और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-शेड्यूल कराने का विकल्प सक्रिय कर दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले एयरलाइन के कस्टमर केयर पोर्टल या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट का लाइव स्टेटस अनिवार्य रूप से जांच लें। अचानक उड़ानें रद्द होने से कई हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए विशेष वैकल्पिक इंतजामों पर भी विचार किया जा रहा है।
कौन से एयरपोर्ट्स हैं चालू और कौन सी वैकल्पिक उड़ानें उपलब्ध
दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक स्थिति पत्र (Status Update) के अनुसार, रियाद का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नियमित उड़ानों के लिए बंद है, जबकि दम्मम, जेद्दा और मदीना के हवाई अड्डे आंशिक व्यवधानों के बावजूद परिचालन में हैं। यदि किसी भारतीय नागरिक को बहुत जरूरी काम या आपातकालीन स्थिति में यात्रा करनी है, तो उनके लिए कुछ विदेशी और स्थानीय विमानन कंपनियों के विकल्प अभी खुले हुए हैं।
सऊदी की राष्ट्रीय वाहक 'सऊदिया' (Saudia) भारत के प्रमुख शहरों के लिए अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार सीमित उड़ानों का संचालन कर रही है। इसके अतिरिक्त, सऊदी एयरलाइन 'फ्लाईनास' (Flynas) दम्मम और लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बनाए हुए है, जबकि बजट एयरलाइन 'फ्लाईडील' (Flyadeal) ने दम्मम-मुंबई रूट पर विशेष उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। दूतावास ने यह भी सुझाव दिया है कि जिन यात्रियों को तुरंत भारत लौटना अनिवार्य है, वे सड़क या कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए बहरीन, कुवैत या कतर के ट्रांजिट रूट का उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास उन देशों का वैध पारगमन वीजा (Transit Visa) उपलब्ध हो।
दूतावास की नई गाइडलाइन: उमरा यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद 25 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लिए आपातकालीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें विशेष रूप से उमरा की योजना बना रहे तीर्थयात्रियों को आगाह किया गया है कि वे उड़ानों की अनिश्चितता और संभावित देरी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का शेड्यूल तय करें। बिना कन्फर्म रिटर्न टिकट या अनिश्चित सुरक्षा माहौल में यात्रा की शुरुआत न करने की सलाह दी गई है।
दूतावास ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की हवाई चेतावनी या सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे मजबूत इमारतों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही शरण लें। आपातकालीन चिकित्सा सहायता या कानूनी मदद के लिए दूतावास के 24x7 हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप सपोर्ट डेस्क को एक्टिव कर दिया गया है। जो भारतीय नागरिक पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें अपने पासपोर्ट, इकामा (रेजिडेंस परमिट) और जरूरी चिकित्सा दस्तावेजों की डिजिटल कॉपियां अपने फोन में सुरक्षित रखने को कहा गया है।
क्षेत्र में सुरक्षा तनाव और राजनयिक स्तर पर भारत का रुख
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता यह तनाव ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंकाओं के चलते गहराया है, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया गया है। रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुई हालिया हलचल में कुछ विदेशी नागरिक और भारतीय श्रमिक भी प्रभावित हुए थे, जिनका स्थानीय अस्पतालों में समुचित इलाज चल रहा है और भारतीय मिशन उनके निरंतर संपर्क में है।
भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राजनयिक स्तर पर दोनों देशों के अधिकारी स्थिति को सामान्य बनाने और फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं। जब तक सुरक्षा एजेंसियां ग्रीन सिग्नल नहीं दे देतीं और रियाद एयरपोर्ट पर सामान्य परिचालन बहाल नहीं हो जाता, तब तक यात्रा योजनाओं को टालना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।