रूस ने डब्ल्यूएचओ को दी जानकारी, साइबेरिया के इरकुत्स्क शहर में प्लेग का कोई मामला नहीं
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों और रूस से जुड़ी एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। रूसी अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को आधिकारिक रूप से यह सूचित किया है कि साइबेरिया के इरकुत्स्क शहर में प्लेग का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। बता दें कि इसी शहर में पिछले सप्ताह प्लेग अनुसंधान संस्थान की एक लैब टेक्नीशियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई थी। वैश्विक स्वास्थ्य नियमों के मुताबिक रूस के लिए डब्ल्यूएचओ के अनुरोध पर 24 घंटे के भीतर आधिकारिक जवाब देना अनिवार्य था।
रूस ने डब्ल्यूएचओ को दी आधिकारिक पुष्टि
रूस ने इससे पहले डब्ल्यूएचओ को जानकारी दी थी कि उसके वरिष्ठ अधिकारी इस बात की गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि क्या लैब टेक्नीशियन की मौत न्यूमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague) की वजह से हुई थी। इसके बाद डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमायर ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रूस का आधिकारिक जवाब पढ़ा। इस जवाब के मुताबिक, इरकुत्स्क शहर में इस खतरनाक और संक्रामक बीमारी का वर्तमान में कोई भी मामला मौजूद नहीं है।
रूसी अधिकारियों ने डब्ल्यूएचओ को यह भी आश्वस्त किया कि उन्होंने मृत लैब टेक्नीशियन के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की तुरंत पहचान कर ली थी और खतरनाक संक्रामक रोगजनकों (पैथोजेन्स) के लिए किए गए सभी टेस्ट के रिजल्ट पूरी तरह से निगेटिव आए हैं।
जांच और क्वारंटाइन किए गए लोगों पर अपडेट
रूस में संक्रामक रोगों की निगरानी और नियंत्रण से जुड़ी संस्था 'रास्पोट्रेबनाडजोर' (Rospotrebnadzor) ने एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि इरकुत्स्क के प्लेग अनुसंधान संस्थान के अन्य कर्मचारियों में भी पिछले 10 दिनों के दौरान किसी भी संक्रामक रोग के लक्षण या सूचना नहीं मिली है। इसके अलावा, शव के विस्तृत परीक्षणों से यह स्पष्ट हो गया है कि मृत महिला के शरीर में उसके कार्यक्षेत्र से संबंधित कोई भी हानिकारक माइक्रोऑर्गनिज्म नहीं पाया गया।
इरकुत्स्क के निकट शेलेखोव जिले की उपप्रमुख एलेना सोफीना ने मीडिया को जानकारी दी कि एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन में रखे गए लगभग 60 प्रतिशत लोगों को अब पूरी तरह से स्वस्थ घोषित कर मुक्त कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिका का बयान
इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार को कहा कि रूस को प्लेग अनुसंधान संस्थान की लैब टेक्नीशियन की मौत से जुड़े सभी वैज्ञानिक तथ्यों को दुनिया के साथ और अधिक पारदर्शिता के साथ साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम की बहुत करीब से निगरानी कर रहा है और यदि स्थिति गंभीर होती है, तो अमेरिका के पास रूस को जरूरी सहायता प्रदान करने के विकल्प मौजूद हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोमवार को यह स्पष्ट किया था कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका इस स्वास्थ्य मामले में रूस की पूरी मदद करेगा।