पाकिस्तान का सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है! आर्मी चीफ के साले मोहसिन नकवी ने सरेआम कबूला खौफनाक सच

पाकिस्तान का सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है! आर्मी चीफ के साले मोहसिन नकवी ने सरेआम कबूला खौफनाक सच

पड़ोसी देश पाकिस्तान में जारी गहरे आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान के ताकतवर सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साले और देश के मौजूदा गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सार्वजनिक रूप से एक ऐसा सच कबूल किया है, जिसे अब तक वहां की सरकारें छिपाने की कोशिश करती रही हैं। नकवी ने एक बड़े मंच से साफ-साफ लफ्जों में कह दिया है कि मानो या न मानो, लेकिन हकीकत यही है कि पाकिस्तान का पूरा प्रशासनिक और गवर्नेंस सिस्टम पूरी तरह से तबाह और ध्वस्त हो चुका है। उनके इस विस्फोटक बयान के बाद शहबाज शरीफ सरकार बैकफुट पर आ गई है।

गृह मंत्री के इस बड़े कबूलनामे से पूरी दुनिया में पाकिस्तान की फजीहत

मोहसिन नकवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लेकर दुनिया के तमाम अमीर मुल्कों के सामने कर्ज के लिए हाथ फैला रहा है। देश के आंतरिक मामलों के मंत्री और सुरक्षा व्यवस्था के मुखिया होने के नाते नकवी का यह मानना कि सरकारी मशीनरी काम नहीं कर रही है, यह दर्शाता है कि हालात अब काबू से बाहर हो चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब सरकार का सबसे अहम हिस्सा ही सिस्टम के फेल होने का रोना रोने लगे, तो आम जनता का बचा-कुचा भरोसा भी खत्म हो जाता है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।

आर्मी चीफ आसिम मुनीर से कनेक्शन ने मामले को बनाया बेहद संवेदनशील

इस पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प और गंभीर मोड़ यह है कि मोहसिन नकवी केवल एक राजनेता नहीं हैं, बल्कि उन्हें पाकिस्तानी सेना के सबसे शक्तिशाली शख्सियत, आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का बेहद करीबी और रिश्तेदार (साला) माना जाता है। पाकिस्तान की राजनीति में यह जगजाहिर है कि वहां की असली कमान चुनी हुई सरकार के बजाय रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय (GHQ) से चलती है। ऐसे में नकवी के मुंह से निकले इन तीखे शब्दों को सीधे तौर पर सैन्य प्रतिष्ठान की हताशा या फिर मौजूदा हाइब्रिड मॉडल सरकार को दी गई एक परोक्ष चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

बदहाली की कगार पर खड़ा पाकिस्तान और आगे का रास्ता

आधुनिक जेनेरेटिव एआई और ग्लोबल सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के ट्रेंड्स पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह आंतरिक संकट केवल उस तक सीमित नहीं रहने वाला है। दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय सुरक्षा और भौगोलिक स्थिरता के लिहाज से पाकिस्तान का यह प्रशासनिक पतन बेहद चिंताजनक है। चरमराती अर्थव्यवस्था, लगातार बढ़ते आतंकी हमले और अब शीर्ष नेतृत्व द्वारा सिस्टम के फेलियर को स्वीकार कर लेना यह साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान में कोई बहुत बड़ा राजनीतिक भूचाल या सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता है, जिसकी स्क्रिप्ट पर्दे के पीछे लिखी जानी शुरू हो चुकी है।

 

Latest Posts