अलवर का 'चादर' झरना बना मानसून का नया हॉटस्पॉट, मूसलाधार बारिश के बाद कश्मीर जैसी वादियों का अहसास

अलवर का 'चादर' झरना बना मानसून का नया हॉटस्पॉट, मूसलाधार बारिश के बाद कश्मीर जैसी वादियों का अहसास

राजस्थान को अमूमन रेतीले धोरों और किलों के लिए जाना जाता है, लेकिन मानसून के आते ही मरुधरा का एक अलग ही रूप सामने आता है। इन दिनों दिल्ली-एनसीआर से सटे राजस्थान के अलवर (Alwar) जिले का एक खूबसूरत वाटरफॉल सोशल मीडिया से लेकर पर्यटकों के दिलों तक पर राज कर रहा है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित 'चादर' झरना इस मानसूनी सीजन में पर्यटकों का नया हॉटस्पॉट बन चुका है। पिछले कुछ दिनों से इलाके में हो रही झमाझम बारिश के बाद इस झरने से दूध जैसी सफेद पानी की चादर बह रही है, जिसे देखने के लिए भारी तादाद में लोग उमड़ रहे हैं।

अरावली की वादियों में बह रही है सफेद पानी की 'चादर'

अलवर के इस प्राकृतिक झरने का नाम 'चादर' झरना इसके बहने के अनोखे अंदाज के कारण पड़ा है। जब अरावली की ऊंची पहाड़ियों पर अच्छी बारिश होती है, तो पहाड़ों से पानी का बहाव एक सीधी ढलान पर इस तरह नीचे गिरता है जैसे किसी ने पहाड़ पर सफेद चादर बिछा दी हो। इस साल मानसून की मेहरबानी के चलते यह झरना अपने पूरे शबाब पर है। घने जंगलों और हरी-भरी वादियों के बीच से गिरते पानी की गूंज और यहां का सुहावना मौसम सैलानियों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर रहा है।

दिल्ली-एनसीआर और जयपुर के पर्यटकों की पहली पसंद

भौगोलिक रूप से अलवर की लोकेशन दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और जयपुर के बेहद नजदीक है, यही वजह है कि यह वीकेंड गेटवे (Weekend Gateway) के रूप में लोगों की पहली पसंद बन गया है। शनिवार और रविवार के दिन यहां पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां आकर झरने के ठंडे पानी में नहाने का लुत्फ उठा रहे हैं और इस बेहतरीन नजारे को रील और सेल्फी के जरिए अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। यहां आकर लोग शहरी भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिता रहे हैं।

एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए जन्नत

चादर झरना न सिर्फ आम पर्यटकों बल्कि ट्रेकर्स और एडवेंचर लवर्स के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है। झरने तक पहुंचने का रास्ता अरावली के उबड़-खाबड़ और खूबसूरत रास्तों से होकर गुजरता है। रास्ते में मिलने वाली हरियाली और शुद्ध हवा पर्यटकों की थकान को पल भर में दूर कर देती है। स्थानीय वन्यजीवों और रंग-बिरंगे पक्षियों की चहचहाहट इस सफर के रोमांच को दोगुना कर देती है। स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

पर्यटकों के लिए स्थानीय प्रशासन की जरूरी एडवायजरी

अगर आप भी इस मानसून में अलवर के चादर झरने का दीदार करने का मन बना रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के दौरान झरने के मुख्य बहाव क्षेत्र से उचित दूरी बनाए रखें। पथरीले रास्तों पर फिसलने का डर रहता है, इसलिए आरामदायक और ग्रिप वाले जूते पहनकर ही आएं। साथ ही, इस प्राकृतिक धरोहर को साफ रखने में मदद करें और यहां प्लास्टिक या कचरा न फैलाएं। आप अलवर शहर से स्थानीय वाहनों या अपनी कार के जरिए आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

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