रॉकेट, ड्रोन और हथियारों का जखीरा: लेबनान में इजरायल का अंडरग्राउंड एक्शन; विस्फोट से उड़ाई हिज्बुल्लाह की 2 किलोमीटर लंबी सुरंग, आया 4.1 तीव्रता का भूकंप

रॉकेट, ड्रोन और हथियारों का जखीरा: लेबनान में इजरायल का अंडरग्राउंड एक्शन; विस्फोट से उड़ाई हिज्बुल्लाह की 2 किलोमीटर लंबी सुरंग, आया 4.1 तीव्रता का भूकंप

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के सैन्य बुनियादी ढांचे पर अब तक का सबसे भीषण और घातक प्रहार किया है। इजरायली सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण अली अल-ताहेर रिज (Ali al-Taher Ridge) के नीचे बने हिज्बुल्लाह के दो किलोमीटर से भी अधिक लंबे आधुनिक भूमिगत सुरंग नेटवर्क को भीषण विस्फोटकों से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

यह धमाका इतना जबरदस्त और तीव्र था कि इसकी धमक से नबातीह और पूरे दक्षिणी लेबनान की धरती हिल गई। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सुरंग उड़ाने के लिए किए गए विस्फोटों के चलते रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका (Seismic Tremor) दर्ज किया गया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन का वीडियो जारी करते हुए इसे ईरान की सीमाओं के बाहर उसका "सबसे बड़ा आउटपोस्ट" करार दिया और कहा कि सेना ने अपना रणनीतिक मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

सुरंग के भीतर मिला हथियारों का गोदाम: ईरानी रॉकेट्स और घातक ड्रोन्स बरामद

इजरायली सेना के अनुसार, अली अल-ताहेर पहाड़ी के नीचे फैला यह नेटवर्क केवल एक साधारण सुरंग नहीं था, बल्कि जमीन के नीचे बना एक विशाल सैन्य शहर था। सेना ने जमीन के ऊपर और नीचे दोनों मोर्चों पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद जब इसके भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया, तो वहां से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद हुआ:

  • दर्जनों ईरानी रॉकेट और मिसाइलें: सुरंग के डिपो से लंबी और मध्यम दूरी के दर्जनों आधुनिक रॉकेट और मिसाइलें मिलीं, जिन्हें सीधे इजरायली शहरों पर दागने के लिए तैयार रखा गया था।

  • विस्फोटक कामिकेज ड्रोन (UAVs): सुरंग के अंदर लॉन्च पैड्स के साथ दर्जनों ईरानी निर्मित सुसाइड और अटैक ड्रोन मिले।

  • एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (ATGM): इजरायली बख्तरबंद गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए आधुनिक रूसी व ईरानी एंटी-टैंक मिसाइलें, माइंस और विस्फोटक सामग्री का बड़ा स्टॉक बरामद किया गया।

  • कमांड सेंटर और लिविंग क्वार्टर्स: यह सुरंग हिज्बुल्लाह की कुलीन 'बद्र यूनिट' (Badr Unit) का केंद्रीय कमांड सेंटर थी। सुरंग के भीतर आतंकियों के हफ्तों तक छिपे रहने के लिए वेंटिलेशन, स्लीपिंग क्वार्टर्स, आधुनिक संचार प्रणाली, किचन और मेडिकल फैसिलिटी मौजूद थी।

दो दशकों की ईरानी फंडिंग और हिज्बुल्लाह की 'बद्र यूनिट' का खात्मा

आईडीएफ के अधिकारियों और सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, इस 2 किलोमीटर लंबे भूमिगत किले का निर्माण पिछले 20 वर्षों (दो दशकों) के दौरान ईरानी फंडिंग, इंजीनियरिंग और तकनीकी निगरानी में किया गया था।

यह रणनीतिक बेस हिज्बुल्लाह की बद्र डिवीजन के अधीन था, जो लितानी नदी के उत्तर से लेकर सिडोन तक के पूरे दक्षिणी लेबनानी इलाके में सैन्य अभियानों की कमान संभालती है। अली अल-ताहेर रिज इजरायली सीमा से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ऊंचाई वाले इलाके से हिज्बुल्लाह उत्तरी इजरायल की बस्तियों पर सीधी नजर रखता था और भूमिगत शाफ्ट्स के जरिए अचानक हमला कर गायब हो जाने की गुरिल्ला रणनीति अपनाता था। इजरायल द्वारा इस पूरे ठिकाने को उड़ा दिए जाने से हिज्बुल्लाह की संचालन क्षमता को बहुत बड़ा झटका लगा है।

4.1 तीव्रता के झटके से कांपा लेबनान, क्षेत्रीय तनाव में नया उबाल

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी (NNA) ने पुष्टि की है कि नबातीह अल-फौका के बाहरी इलाके में अली अल-ताहेर पहाड़ी पर इजरायली सेना द्वारा बड़े पैमाने पर नियंत्रित विस्फोट किए गए, जिससे कई किलोमीटर दूर तक इमारतों की खिड़कियां और जमीन थरथरा उठी।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम (Ceasefire) और सीमा पर तनाव घटाने को लेकर कूटनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। ईरान ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अली अल-ताहेर रिज पर हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर किसी भी बड़े हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इजरायल के इस आक्रामक अंडरग्राउंड एक्शन और इतने बड़े पैमाने पर तबाही के बाद सीमा पर एक बार फिर रॉकेट हमलों और जवाबी हवाई हमलों का नया दौर शुरू होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।