लंदन जेल में सुनवाई छोड़ चेस क्लब पहुंच गया भगोड़ा नीरव मोदी, भारत प्रत्यर्पण के डर के बीच शरण मांगने की सुगबुगाहट

लंदन जेल में सुनवाई छोड़ चेस क्लब पहुंच गया भगोड़ा नीरव मोदी, भारत प्रत्यर्पण के डर के बीच शरण मांगने की सुगबुगाहट

भारत के करोड़ों रुपये के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में वांछित भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी इन दिनों लंदन की जेल में बंद है, लेकिन उसकी कार्यशैली और बेपरवाही लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में एक कानूनी सुनवाई के दौरान वह अदालत में पेश नहीं हुआ। जब इस बारे में पूछताछ की गई तो जेल अधिकारियों ने कोर्ट को चौंकाने वाली जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी सुनवाई में शामिल होने के बजाय जेल के अंदर बने शतरंज (चेस) क्लब में मजे से समय बिता रहा था। हालांकि, इस मामले में उसकी कानूनी टीम का यह तर्क सामने आया कि चूंकि वे लोग खुद ही सुनवाई को स्थगित करने का अनुरोध कर रहे थे, इसलिए उनके मुवक्किल का अदालत में शारीरिक रूप से मौजूद रहना जरूरी नहीं था।

प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है मामला, वादी बेचना चाहता है मैरीलेबोन का अपार्टमेंट

यह पूरा कानूनी मामला ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी (सिंगापुर) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। यह वादी कंपनी मध्य लंदन के बेहद पॉश इलाके मैरीलेबोन क्षेत्र में स्थित एक अपार्टमेंट को बेचना चाहती है, जिसको लेकर अदालती प्रक्रिया चल रही है। इसी मामले की सुनवाई के सिलसिले में नीरव मोदी को वर्चुअली या पेश होना था, लेकिन वह चेस क्लब की व्यस्तता का हवाला देते हुए गायब रहा। ब्रिटेन की अदालतों में उसके मामलों की कानूनी खींचतान लगातार जारी है, लेकिन इन सबके बीच उसकी दिनचर्या और जेल के भीतर उसकी गतिविधियों को लेकर समय-समय पर नए खुलासे होते रहते हैं।

भारत प्रत्यर्पण का मंडरा रहा है खतरा, फ्रांस में खारिज हो चुकी है आखिरी अपील

नीरव मोदी की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ती जा रही हैं। धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण अब लगभग तय माना जा रहा है। कुछ समय पहले फ्रांस में स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में उसकी तरफ से दायर की गई अंतिम अपील भी पूरी तरह से असफल साबित हो चुकी है, जिसके बाद से ब्रिटेन से उसके भारत लाए जाने का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। भारतीय जांच एजेंसियां—सीबीआई और ईडी—लंबे समय से उसे कानूनी शिकंजे में कसने के लिए ब्रिटिश प्रशासन के संपर्क में हैं और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

क्या राजनीतिक शरण के लिए नीरव मोदी ने दिया है दूसरा आवेदन

इन सबके बीच एक मीडिया रिपोर्ट और ब्रिटिश पॉडकास्ट ('द डेली टेलीग्राफ') के हवाले से बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यर्पण के आसन्न खतरे और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए ऐसी तेज अफवाहें उड़ रही हैं कि नीरव मोदी ने अपनी तरफ से अंतिम कोशिश के रूप में एक बार फिर से राजनीतिक शरण (Political Asylum) के लिए आवेदन किया हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि ब्रिटेन की जेल में बैठा यह भगोड़ा कारोबारी भारतीय कानून के शिकंजे से बचने के लिए हर संभव पैंतरा आजमाने में लगा हुआ है।

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