फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसा: कॉकपिट की खौफनाक जंग और वो 5 जांबाज हीरो जिन्होंने टाल दी बड़ी तबाही
अंतरराष्ट्रीय विमानन इतिहास में हाल ही में घटी 'फ्लाईदुबई' (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 की घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही इस उड़ान के दौरान जो कुछ भी कॉकपिट के भीतर हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था। विमान जब हवा में था, तब एक ओमानी सह-पायलट ने अचानक कैप्टन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया और विमान को जानबूझकर क्रैश करने की खतरनाक कोशिश की।
इस बीच, विमान में मौजूद भारतीय पायलट और चार अन्य सतर्क नागरिकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना जिस अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसी के चलते एक बहुत बड़ा विमान हादसा टल गया और उसमें सवार सभी 180 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई। आइए जानते हैं उन 5 असली हीरो के बारे में जिन्होंने इस भयानक संकट के दौरान अपनी बहादुरी से इतिहास रच दिया।
1. कैप्टन स्मित माछर (भारतीय पायलट)
इस पूरी घटना के दौरान सबसे आगे और मुख्य भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट स्मित माछर थे। सह-पायलट द्वारा अचानक किए गए चाकू के हमले में कैप्टन माछर बुरी तरह से घायल हो गए थे और वे खून से लथपथ थे। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपनी आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया, ताकि केबिन क्रू और यात्री समय रहते अंदर आकर मदद कर सकें। उनकी इसी त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बाहर मौजूद लोग कॉकपिट तक पहुंच पाए। वर्तमान में उनका इलाज सऊदी अरब के ताबुक शहर के अस्पताल में चल रहा है।
2. यानिव हायुन (प्लंबर)
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यानिव हायुन पेशे से एक साधारण प्लंबर हैं। जब यह खौफनाक घटना घटी, तो यानिव ने बिना एक पल गंवाए अन्य यात्रियों के साथ मिलकर कॉकपिट की ओर दौड़ लगाई। उन्होंने संदिग्ध हमलावर को उसकी सीट से दबोच कर नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब वे सुरक्षित इजरायल पहुंचे, तो उनकी शर्ट पर खून के धब्बे साफ देखे जा सकते थे, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए यात्रियों की रक्षा को प्राथमिकता दी।
3. असाफ राजुआन (बिजनेसमैन / इंश्योरेंस एजेंसी मालिक)
थाईलैंड में अपनी छुट्टियां मनाकर इसी फ्लाइट से वापस लौट रहे असाफ राजुआन ने बताया कि अचानक विमान का नियंत्रण छूट गया था और वह 90-डिग्री के एंगल से नीचे की ओर तेजी से गोता लगाने लगा था। उन्हें अहसास हो गया था कि विमान अब किसी के नियंत्रण में नहीं है। इसके बावजूद, वे उन शुरुआती लोगों में शामिल थे जो कॉकपिट के खुले दरवाजे से अंदर घुसे और खून से लथपथ कॉकपिट के भीतर अन्य साथियों की मदद से हमलावर को काबू करने में कामयाब रहे।
4. ज़्विका मानेस (बैंक एग्जीक्यूटिव / सीईओ)
बैंक लेउमी की अंडरराइटिंग कंपनी के सीईओ ज़्विका मानेस भी उस मची भगदड़ और दहशत के माहौल में सबसे आगे आने वाले लोगों में थे। जब विमान तेजी से नीचे की ओर गिर रहा था और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, तब ज़्विका ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने फ्लाइट में बांटे जाने वाले मल्टीमीडिया हेडफोन की मजबूत केबल का इस्तेमाल करके हमलावर को जकड़ने और काबू करने में मदद की, जिससे वह दोबारा कोई खतरनाक कदम न उठा सके।
5. शोता मुसायेव (डेंटिस्ट)
शोता मुसायेव पेशे से एक डेंटिस्ट हैं और कथित तौर पर उस फ्लाइट में मौजूद एकमात्र डॉक्टर थे। जैसे ही हमलावर को काबू में किया गया, डॉक्टर मुसायेव तुरंत बुरी तरह घायल कैप्टन स्मित माछर की ओर दौड़े। उन्होंने अपनी मेडिकल सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए कैप्टन के सिर और हाथों से बह रहे अत्यधिक खून को रोका और लैंडिंग से पहले तक उनकी स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए हरसंभव चिकित्सीय प्रयास किया। इन पांचों जांबाजों की मिली-जुली बहादुरी ने आज सैकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचा लिया है।