छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: फिल्म 'हनुमान अंश' हुई टैक्स फ्री, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: फिल्म 'हनुमान अंश' हुई टैक्स फ्री, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, सिनेमा और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम और दूरगामी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सरकार के इन फैसलों का सीधा और सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के युवाओं, सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों और नौकरी की तैयारी कर रहे पूर्व सैनिकों पर पड़ेगा। बैठक में लिए गए इन तमाम निर्णयों की आधिकारिक जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया के साथ साझा की।

फिल्म 'हनुमान अंश' को छत्तीसगढ़ में किया गया टैक्स फ्री

कैबिनेट बैठक में लिए गए सबसे बड़े और चर्चित फैसलों में से एक मनोरंजन जगत से जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली लोकप्रिय डिवाइशनल ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) को राज्यभर में टैक्स फ्री (Tax-Free) करने का ऐलान कर दिया है। सरकार के इस निर्णय के बाद अब सिनेमाघरों में इस फिल्म के टिकट सस्ते दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे अधिक से अधिक दर्शक इस धार्मिक और सांस्कृतिक फिल्म का आनंद उठा सकेंगे। इसके साथ ही सरकार ने सिनेमाघरों से एसजीएसटी (SGST) की राशि वसूलने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस, वन और जेल विभाग में आरक्षण की सौगात

युवाओं और देश की सेवा से लौटे पूर्व सैनिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि अब पूर्व 'अग्निवीरों' (Agniveers) को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी के पदों पर विशेष आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत पूर्व अग्निवीर सैनिकों को पुलिस विभाग में 'आरक्षक' (Constable), वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 'वनरक्षक' (Forest Guard) और जेल विभाग में 'जेल प्रहरी' के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस आरक्षण की व्यवस्था को कानूनी रूप से लागू करने के लिए सरकार ने 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026' का अनुमोदन कर दिया है। इन नए नियमों के तहत नियुक्ति की शर्तें, भर्ती के कड़े मापदंड, आरक्षण का प्रतिशत और चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रूप से निर्धारित की गई है, जिससे पूर्व सैनिकों को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकेंगे।

सरकारी कॉलेजों के अतिथि व्याख्याताओं के लिए संशोधित नीति मंजूर

इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में राज्य के शासकीय महाविद्यालयों (Government Colleges) में अध्यापन कार्य से जुड़ी अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में जरूरी संशोधन किए गए हैं। प्रशासकीय अनुमोदन के बाद 'संशोधित नीति-2026' को मंजूरी दे दी गई है। नई नीति के तहत यह प्रावधान किया गया है कि यदि मेरिट सूची में दो अभ्यर्थियों के अंक समान पाए जाते हैं, तो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता और वरीयता दी जाएगी।

साथ ही, अध्यापन अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के दायरे में अब यह स्पष्ट किया गया है कि शासकीय महाविद्यालय के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालय में भी एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम पांच महीने का अध्यापन कार्य पूरा करने पर 5 अंक दिए जाएंगे। सरकार के इन सभी जनहितैषी फैसलों से प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।