अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के खतरनाक लड़ाकू हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, 1 क्रू मेंबर लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
मिडिल ईस्ट में जारी भारी सैन्य तनाव के बीच अरब सागर (Arabian Sea) से एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है. अमेरिकी नौसेना (US Navy) के एक बेहद आधुनिक और आक्रामक लड़ाकू हेलीकॉप्टर MH-60S सी हॉक (Sea Hawk) को बुधवार सुबह अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी के चलते गहरे समंदर में आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Water Landing) करनी पड़ी है. इस हाई-प्रोफाइल हादसे के तुरंत बाद युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर में सवार चार क्रू मेंबर्स में से तीन को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन एक क्रू मेंबर अब भी लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में अमेरिकी नौसेना ने समंदर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.
किसी हमले का संकेत नहीं, कमान ने जारी किया आधिकारिक बयान
यूएस नेवल फोर्सेज सेंट्रल कमांड (US Naval Forces Central Command) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए इस गंभीर घटना की पुष्टि की है. नेवल कमान के मुताबिक, यह हादसा ईस्टर्न टाइम के अनुसार सुबह करीब 3:30 बजे के आसपास हुआ. शुरुआती जांच और उपलब्ध डेटा के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि इस इमरजेंसी लैंडिंग के पीछे किसी दुश्मन देश की कार्रवाई या मिसाइल हमले का कोई संकेत नहीं मिला है, बल्कि यह पूरी तरह से एक तकनीकी विफलता का मामला लग रहा है.
एयरक्राफ्ट कैरियर 'जॉर्ज बुश' पर चल रहा है इलाज, समंदर में महा-सर्च ऑपरेशन
नौसेना ने बताया कि जिन तीन क्रू मेंबर्स को समंदर की लहरों से सुरक्षित निकाला गया है, उन्हें तुरंत अमेरिकी नौसेना के विशालकाय और परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर 'यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश (USS George H.W. Bush) पर ले जाया गया है. वहां मौजूद मिलिट्री डॉक्टर्स की टीम उनका सघन इलाज कर रही है और फिलहाल तीनों की हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है.
दूसरी ओर, लापता चौथे जांबाज एयरक्रूमैन को ढूंढने के लिए अरब सागर के उस खास रणनीतिक इलाके में अमेरिकी नौसेना के कई अत्याधुनिक युद्धपोत, टोही विमान (Reconnaissance Aircraft) और हंटर हेलीकॉप्टर लगातार रात-दिन सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. इसके साथ ही क्रैश के सटीक कारणों को डिकोड करने के लिए एक हाई-लेवल इन्वेस्टिगेशन कमेटी भी बना दी गई है.
होर्मुज स्ट्रेट के पास क्यों तैनात है अमेरिकी नौसेना का यह घातक दस्ता?
हादसे का शिकार हुआ ट्विन-इंजन MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर अमेरिकी नौसेना का मुख्य हथियार माना जाता है, जिसका इस्तेमाल एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, सर्च एंड रेस्क्यू, स्पेशल ऑपरेशन्स और युद्ध के मैदान में रसद पहुंचाने जैसे बेहद खतरनाक मिशनों के लिए किया जाता है. यह हेलीकॉप्टर 'यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश' पर ही तैनात था, जो अप्रैल के आखिर से मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के समंदर में लगातार गश्त कर रहा है.
दरअसल, इस अशांत इलाके में अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए तैनात दो परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर्स में से यह एक है. हालांकि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल तेल टैंकरों और जहाजों पर लगाई गई अपनी नाकाबंदी को हाल ही में अस्थाई रूप से हटा लिया है, लेकिन ईरान के साथ चल रही तनातनी और क्षेत्रीय संकट को देखते हुए वहां अभी भी अमेरिकी सेना का भारी जमावड़ा लगा हुआ है.
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अमेरिका को लग रहे हैं तगड़े झटके
यह ताजा हादसा ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ऑपरेशन्स काफी जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. मई के मध्य में अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी गई एक सीक्रेट मिलिट्री रिपोर्ट के मुताबिक, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के शुरू होने से लेकर अब तक यूनाइटेड स्टेट्स इस क्षेत्र में अपने 42 फिक्स्ड-विंग विमान और रोटरी एयरक्राफ्ट (हेलीकॉप्टर) गंवा चुका है.
वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस भारी नुकसान की सूची में जून की शुरुआत में हुई वह सनसनीखेज घटना शामिल नहीं है, जहां एक ईरानी आत्मघाती ड्रोन ने अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. हालांकि, उस अपाचे हादसे में दोनों अमेरिकी पायलट चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गए थे, जिसके बाद भड़के अमेरिका को ईरान समर्थित ठिकानों के खिलाफ 'सेल्फ-डीफेंस एयरस्ट्राइक' करने के लिए मजबूर होना पड़ा था. इस ताजा हादसे ने एक बार फिर अरब सागर में अमेरिकी उड़ानों की सुरक्षा और उनकी मेंटेनेंस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.