ईरान-अमेरिका के बीच थमी जंग की आग, पर यूक्रेन में जारी तबाही: जेलेंस्की ने जेल से दी युद्ध जारी रखने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव फिलहाल भले ही शांत होता दिख रहा हो, लेकिन पूर्वी यूरोप में रूस और यूक्रेन के बीच जारी खूनी संघर्ष ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला एक बार फिर तेज हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। रूसी मिसाइलों और तोपों की बौछार से यूक्रेन के कई शहर मलबे में तब्दील हो गए हैं। इस भीषण हमले में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को भी चोटें आई हैं, लेकिन उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से ही रूस को करारा जवाब देने की कसम खाई है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का हर एक नागरिक इस अत्याचार के खिलाफ अपनी आखिरी सांस तक लड़ेगा और रूस के इस आक्रामक रवैये का बदला जरूर लिया जाएगा।
जेलेंस्की का संकल्प और यूक्रेन की चुनौती
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी हमलों की तीव्रता में भारी इजाफा हुआ है। अस्पतालों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्तब्ध है। हालांकि हमले में घायल होने के बावजूद राष्ट्रपति जेलेंस्की का मनोबल नहीं टूटा है। उन्होंने अपने कमांडरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचाव के साथ-साथ जवाबी हमले की रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाया जाए। उन्होंने वैश्विक नेताओं से तत्काल और अधिक घातक हथियारों की मांग करते हुए कहा है कि यह युद्ध अब केवल यूक्रेन का अस्तित्व बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की जंग बन चुका है।
वैश्विक भू-राजनीति पर युद्ध का गहरा असर
विश्लेषकों का मानना है कि जहां मध्य-पूर्व में ईरान-अमेरिका के बीच एक अस्थाई शांति बनी है, वहीं यूक्रेन संकट का लंबा खिंचना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। रूस द्वारा लगातार किए जा रहे ये हमले न केवल ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी बुरी तरह बाधित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर और अधिक कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल, यूक्रेन के आसमान में मंडराते रूसी ड्रोन और मिसाइलों के बीच आम जनता का जीवन दांव पर लगा है, और दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेलेंस्की का 'बदले का संकल्प' युद्ध की दिशा को क्या नया मोड़ देगा।