मानसून में कर्नाटक के ये 5 ट्रेक बन जाते हैं 'स्वर्ग': हरियाली और बादलों के बीच प्रकृति के असली दीदार के लिए आज ही बनाएं प्लान
मानसून की पहली फुहार के साथ ही कर्नाटक की पहाड़ियां और जंगल एक जादुई कायापलट से गुजरते हैं। चारों तरफ फैली मखमली हरियाली की चादर और बादलों का पहाड़ों से मिलन, कर्नाटक के ट्रेकिंग स्पॉट्स को दुनिया में सबसे खूबसूरत बना देता है। यदि आप भी प्रकृति प्रेमी हैं और इस बारिश के मौसम में शहरी शोर-शराबे से दूर शांति की तलाश में हैं, तो कर्नाटक के ये 5 ट्रेक आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। मानसून के दौरान यहाँ की धुंध और गिरते झरने एक ऐसा अनुभव देते हैं जिसे आप उम्र भर नहीं भूल पाएंगे।
प्राकृतिक सुंदरता का खजाना: कर्नाटक के मानसून ट्रेक
कर्नाटक का पश्चिमी घाट (Western Ghats) मानसून के समय अपने सबसे खूबसूरत रूप में होता है। यहाँ के ट्रेकिंग रूट्स न केवल रोमांचक हैं, बल्कि फोटोग्राफी और सुकून की तलाश करने वालों के लिए भी बेहतरीन हैं। कुद्रेमुख से लेकर मुल्लायनगिरि तक, हर ट्रेक का अपना एक अलग मिजाज है। बारिश में भीगती हुई पगडंडियां और पहाड़ों से गिरती दूधिया जलधाराएं आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास कराएंगी। बस ध्यान रखें कि मानसून के दौरान ट्रेकिंग करते समय सावधानी बरतें और अपने साथ जरूरी सुरक्षा उपकरण जरूर रखें।
ये 5 ट्रेक जो बदल देंगे आपका मानसून का अनुभव
सबसे पहले आता है 'कुद्रेमुख ट्रेक', जो अपनी घास के मैदानों और बादलों के बीच छिपी चोटियों के लिए मशहूर है। दूसरा है 'मुल्लायनगिरि', जो कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी है और मानसून में यहां ट्रेकिंग करना बादलों के बीच चलने जैसा है। तीसरा, 'कुमार पर्वत', यह ट्रेक एडवेंचर के शौकीनों के लिए चुनौतीपूर्ण है लेकिन ऊपर से दिखने वाला नजारा मेहनत को सार्थक कर देता है। चौथा 'तडांडबेता ट्रेक', जो कूर्ग की पहाड़ियों की गोद में बसा है और अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है। पांचवां 'गोमुख ट्रेक', जो घने जंगलों और झरनों के बीच से गुजरता है। ये सभी स्थान न केवल आपको प्रकृति के करीब ले जाएंगे, बल्कि मानसून की असली खूबसूरती का अनुभव भी करवाएंगे। तो अपने बैग पैक करें और कर्नाटक के इन खूबसूरत ट्रेक की ओर निकल पड़ें।