एक छोटी-सी चूक ने बजा दिया अमेरिकी एयरफोर्स का बैंड! 275 कैडेट्स अचानक बीमार, पूरे मिलिट्री बेस पर हाई अलर्ट
यूएस एयरफोर्स (US Air Force) के एक बेहद सुरक्षित और प्रतिष्ठित मिलिट्री बेस से सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन में घोर लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रबंधन की एक बेहद छोटी-सी चूक और अनदेखी के कारण एयरफोर्स के करीब 275 कैडेट्स अचानक एक साथ गंभीर रूप से बीमार हो गए। एक के बाद एक इतनी बड़ी संख्या में कैडेट्स के अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे मिलिट्री बेस को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां इस आपातकालीन स्थिति से निपटने में जुट गई हैं।
मेस के खाने या पानी में गड़बड़ी से फैला फूड पॉइजनिंग का खतरा
शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्टर के सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक यह पूरा मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) या दूषित पानी की सप्लाई से जुड़ा हुआ है। एयरफोर्स एकेडमी के भीतर बने मुख्य मेस (Mess) में रात के भोजन के बाद कैडेट्स ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शिकायत की। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर बीमार कैडेट्स का आंकड़ा 275 के पार पहुंच गया। बेस पर मौजूद मिलिट्री हॉस्पिटल के बेड छोटे पड़ गए, जिसके बाद आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाकर इन जांबाज कैडेट्स का इलाज शुरू करना पड़ा।
बायो-वेपन के एंगल से भी जांच में जुटी अमेरिकी खुफिया एजेंसियां
चूंकि यह मामला सीधे तौर पर अमेरिकी वायुसेना के जवानों और उनकी सबसे सुरक्षित ट्रेनिंग एकेडमी से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन इसे केवल एक सामान्य प्रशासनिक चूक मानकर नहीं चल रहा है। वाशिंगटन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सेना की स्पेशल इंटेलिजेंस विंग इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह कोई सोची-समझी साजिश या 'बायो-वेपन' (Bio-Weapon) का गुप्त हमला तो नहीं है। बेस के पानी के मुख्य टैंकों और मेस में बचे हुए कच्चे राशन के सैंपल लेकर उन्हें हाई-टेक लैब्स में टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि बीमारी के सटीक बैक्टीरिया या वायरस का पता लगाया जा सके।
मिलिट्री बेस पर बाहरी लोगों की एंट्री बैन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्त
इस घटना के बाद अमेरिकी एयरफोर्स बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने पूरे परिसर को आंशिक रूप से लॉकडाउन (Lockdown) मोड पर डाल दिया है। अगले आदेश तक किसी भी बाहरी नागरिक, सप्लायर या विजिटर की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बीमार हुए कैडेट्स की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनी सैनिकों के अचानक बीमार होने से अमेरिकी सेना की आंतरिक सुरक्षा और हाइजीन स्टैंडर्ड्स पर पूरी दुनिया में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कोर्ट-मार्शल की कार्रवाई भी की जा सकती है।