Women's Cricket: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ रचा कीर्तिमान, वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े रन चेज का बनाया कीर्तिमान
News India Live, Digital Desk: महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने भारतीय महिला टीम के एक बेहद पुराने और गौरवशाली 'वर्ल्ड रिकॉर्ड' को ध्वस्त कर दिया है। न्यूजीलैंड ने वनडे क्रिकेट (WODI) में अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज (Highest Successful Chase) करते हुए इतिहास रच दिया है। यह कारनामा कीवी टीम ने भारत के खिलाफ चल रही सीरीज के दौरान करके सबको हैरान कर दिया है।
न्यूजीलैंड ने तोड़ा भारत का 7 साल पुराना रिकॉर्ड
अब तक महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड भारतीय टीम के नाम था। भारत ने साल 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया था। लेकिन अब न्यूजीलैंड ने इस आंकड़े को पार कर लिया है। कीवी बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर न केवल मैच जीता, बल्कि यह साबित कर दिया कि आज के दौर में महिला क्रिकेट में कोई भी लक्ष्य सुरक्षित नहीं है।
मैच का टर्निंग पॉइंट: सोफी डिवाइन और अमेलिया केर का तूफान
न्यूजीलैंड की इस ऐतिहासिक जीत की सूत्रधार कप्तान सोफी डिवाइन और स्टार ऑलराउंडर अमेलिया केर रहीं। भारत द्वारा दिए गए विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन मध्यक्रम में सोफी और अमेलिया के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने मैच का पासा पलट दिया। भारतीय गेंदबाज इस जोड़ी को रोकने में नाकाम रहे, जिसका नतीजा यह हुआ कि न्यूजीलैंड ने अंतिम ओवरों में बेहद रोमांचक तरीके से लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारतीय टीम की फील्डिंग पर उठे सवाल
एक तरफ जहां न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की तारीफ हो रही है, वहीं भारतीय टीम की खराब फील्डिंग और डेथ ओवर्स में लचर गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था, जिसे डिफेंड करना आसान माना जा रहा था। हालांकि, दबाव के क्षणों में भारतीय फील्डर्स ने कुछ महत्वपूर्ण कैच छोड़े, जिसका फायदा कीवी बल्लेबाजों ने बखूबी उठाया।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नया अध्याय
इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड अब महिला वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा रन चेज करने वाली नंबर-1 टीम बन गई है। यह जीत न केवल कीवी टीम का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए अन्य टीमों को भी चेतावनी देगी। भारतीय टीम को अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा ताकि सीरीज के अगले मुकाबलों में मजबूती से वापसी की जा सके।