सर्दी का मौसम या हार्ट अटैक का सीजन? सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट की ये 7 बातें गांठ बांध लें, ज़िंदगी सुरक्षित रहेगी
News India Live, Digital Desk : सर्दियां हमें बहुत सुहानी लगती हैं। गरम चाय, धूप सेंकना और रजाई में बैठकर बातें करना... सब अच्छा लगता है। लेकिन दोस्तों, जिनका दिल (Heart) थोड़ा कमजोर है या जिन्हें बीपी (BP) की शिकायत है, उनके लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं होता।
आपने अक्सर सुना होगा कि सर्दियों में हार्ट अटैक के केस अचानक बढ़ जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है? दरअसल, ठंड की वजह से हमारी नसों में सिकुड़न (Constriction) आ जाती है, जिससे दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल पर लोड आ जाता है।
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों (Senior Cardiologists) ने कुछ खास सावधानियां बताई हैं। अगर आपके घर में कोई हार्ट पेशेंट है या बुजुर्ग हैं, तो ये 7 बातें उनके लिए 'संजीवनी' का काम करेंगी।
1. सुबह की सैर का समय बदलें
हम भारतीयों को सुबह 5 बजे उठकर टहलने की आदत होती है। लेकिन हार्ट पेशेंट्स के लिए कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह निकलना खतरनाक हो सकता है।
- डॉक्टर की राय: सूरज निकलने का इंतज़ार करें। जब अच्छी धूप निकल आए, तभी सैर पर जाएं। अगर बाहर बहुत ठंड है, तो घर के अंदर ही हल्का टहल लें।
2. एक मोटे कोट की जगह कई पतले कपड़े पहनें
यह एक बहुत जरुरी टिप है। हम अक्सर एक भारी जैकेट पहन लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि 'लेयरिंग' (Layering) करें। यानी, एक के ऊपर एक, दो-तीन गर्म कपड़े पहनें। कपड़ों की परतों के बीच गर्म हवा रुक जाती है, जो शरीर को ज्यादा गर्माहट देती है और ठंड का असर दिल तक नहीं पहुँचता।
3. पानी पीना न छोड़ें
ठंड में हमें प्यास कम लगती है, इसलिए हम पानी पीना कम कर देते हैं। इससे खून गाढ़ा होने लगता है और क्लॉटिंग (Clot) का खतरा बढ़ जाता है।
- उपाय: दिन भर थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी पीते रहें ताकि बॉडी हाइड्रेटेड रहे और खून का प्रवाह सही रहे।
4. नमक और तेल पर कंट्रोल (Diet Control)
सर्दियों में पराठे, पकौड़े और अचार खाने का मन बहुत करता है। लेकिन याद रखें, ज्यादा नमक बीपी बढ़ाएगा और ज्यादा तेल कोलेस्ट्रॉल। अपने खाने में ताजे फल, सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स (जैसे अखरोट) शामिल करें। यह शरीर को अंदर से गर्मी और ताकत देते हैं।
5. नहाने में सावधानी
कभी भी एकदम ठंडे पानी से न नहाएं। अचानक सिर पर ठंडा पानी डालने से 'कोल्ड शॉक' लग सकता है, जो नसों को सिकोड़ देता है। हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और बाथरूम में तापमान का ध्यान रखें।
6. दवाई में लापरवाही न करें
अक्सर लोग सर्दी में आलस के कारण डॉक्टर के पास चेकअप के लिए नहीं जाते। अपना बीपी घर पर ही नियमित चेक करें। अगर डॉक्टर ने खून पतला करने की कोई दवा दी है, तो उसे एक दिन भी मिस न करें।
7. गैस समझकर दर्द को न टालें
यह सबसे बड़ी गलती होती है। कभी-कभी छाती में भारीपन, पसीना आना या जबड़े में दर्द होना हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। सर्दियों में हम सोचते हैं कि "एसिडिटी हो गई होगी, पकोड़े खाए थे"।
चेतावनी: अगर ऐसा कोई भी असहज महसूस हो, तो रिस्क न लें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।