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April 30 2026 01:58 pm

बैंक बंद हो तो भी ATM में कैश क्यों नहीं खत्म होता? जानें वो 'सीक्रेट सिस्टम' जो आपको कभी खाली हाथ नहीं लौटने देता

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नई दिल्ली। दीपावली हो, होली हो या लंबा वीकेंड— बैंकों की छुट्टी में भी एटीएम से पैसे निकालने में आपको कभी दिक्कत नहीं आती। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बैंक बंद होने पर भी एटीएम में कैश कैसे बना रहता है? इसके पीछे एक बेहद एडवांस और बेहद कम लोगों को पता सीक्रेट सिस्टम काम करता है।

बैंक खुद नहीं भरते ATM में कैश, यह काम करती हैं ये कंपनियां

आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के अधिकांश बैंक अब खुद एटीएम में कैश नहीं भरते। इसके लिए वे कैश मैनेजमेंट कंपनियों यानी CMC को यह जिम्मेदारी सौंपते हैं। भारत में CMS Info Systems, Brink's, Hitachi Payment Services और SIS Prosegur जैसी कंपनियां यह नेटवर्क संभालती हैं। ये कंपनियां साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करती हैं और इन्हें बैंक की छुट्टी या रविवार से कोई फर्क नहीं पड़ता। ये एजेंसियां सीधे बैंकों के करेंसी चेस्ट यानी उस बड़े वॉल्ट से कैश लेती हैं जहां RBI का पैसा जमा होता है और सुरक्षित वैन के जरिए हर एटीएम तक पहुंचाती हैं।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग— एटीएम खुद बताता है कि कैश कम हो रहा है

हर एटीएम बैंक के सेंट्रल सर्वर और कैश एजेंसी के कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ा होता है। जैसे ही किसी मशीन का बैलेंस तय सीमा से नीचे जाता है, एजेंसी को तुरंत 'लो कैश' अलर्ट मिल जाता है। त्योहारों और लंबी छुट्टियों से पहले ये कंपनियां डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह पता लगा लेती हैं कि किस इलाके में कितने कैश की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद छुट्टी शुरू होने से पहले ही उन एटीएम को उनकी पूरी क्षमता तक भर दिया जाता है।

कैसेट स्वैप का जादू— मिनटों में बदल जाता है खाली ATM

एटीएम में कैश भरने का तरीका भी काफी दिलचस्प है। हर मशीन के अंदर 3 से 4 लोहे के बॉक्स होते हैं जिन्हें कैसेट कहते हैं। इनमें 100, 200 और 500 रुपये के नोट अलग-अलग रखे जाते हैं। एजेंसी के कर्मचारी खाली कैसेट निकालकर पहले से भरे नए कैसेट लगा देते हैं। पूरी प्रक्रिया हथियारबंद गार्ड्स की निगरानी में होती है और हर कदम पर डिजिटल ट्रैकिंग और ई-सर्वेलांस से नजर रखी जाती है।

कैश रिसाइकलर मशीन— आपका जमा पैसा बनता है दूसरे का निकाला हुआ नोट

आजकल कई एटीएम 'कैश रिसाइकलर' मशीनें हैं जो ग्राहकों द्वारा जमा किए गए नोटों को जांचकर और फिल्टर करके दूसरे ग्राहकों को देने के लिए तैयार कर देती हैं। इससे बैंक बंद होने पर भी कैश की उपलब्धता बनी रहती है और मशीन के खाली होने का खतरा और कम हो जाता है।