उस्मान ख्वाजा ने क्यों कहा 'अब आगे बढ़ने का समय है'? सिडनी टेस्ट से पहले क्रिकेट जगत में मची खलबली

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News India Live, Digital Desk : सफ़र कितना भी खूबसूरत क्यों न हो, एक न एक दिन मंज़िल पर तो रुकना ही पड़ता है। उस्मान ख्वाजा, जिन्होंने अपनी कलाई के जादू और गजब के धैर्य से ऑस्ट्रेलियाई टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं, अब अपनी अंतरराष्ट्रीय पारी को विराम देने जा रहे हैं। ख्वाजा ने यह घोषणा करके सबको चौंका दिया कि उनके घर (सिडनी) में होने वाला टेस्ट मैच उनके करियर का अंतिम इंटरनेशनल मैच होगा।

क्यों लिया यह फैसला?
ख्वाजा ने अपनी विदाई की घोषणा करते हुए बड़े ही सरल अंदाज़ में कहा कि "अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।" क्रिकेट की बारीकियां समझने वाले जानते हैं कि बढ़ती उम्र और फिटनेस के बीच संतुलन बनाना किसी भी टॉप एथलीट के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ख्वाजा अपनी शर्तों पर खेल को छोड़ना चाहते थे, और सिडनी का वह मैदान जहाँ उन्होंने अपने क्रिकेट की शुरुआत की, वहां से विदा लेना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है।

उस्मान ख्वाजा का यादगार करियर
ख्वाजा केवल रन बनाने वाले खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि वे ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग लाइनअप में वो चट्टान थे जिसने मुश्किल वक्त में टीम को संभाला। उनका सफर किसी फिल्म की तरह उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टीम से बाहर होने के बाद जब लोगों को लगा कि ख्वाजा का दौर खत्म हो गया है, तब उन्होंने एक जबरदस्त वापसी की और साल 2022-23 में रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। उनकी सादगी और खेल के प्रति निष्ठा की मिसाल आज की नई पीढ़ी देती है।

सिडनी में भावुक होगी जनता
ख्वाजा जब सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर अपना आखिरी मैच खेलेंगे, तो केवल ऑस्ट्रेलिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमी उनके सम्मान में खड़े होंगे। मैदान के चारों तरफ 'उस्मान-उस्मान' की गूंज उनके पूरे जीवन की मेहनत का फल होगी। क्रिकेट को इस सादगी भरे सितारे की कमी खलेगी, जिसने मैदान पर बिना किसी शोर-शराबे के हमेशा बल्ले से जवाब दिया।

विपक्ष के गेंदबाज़ों के लिए राहत की बात होगी कि अब वह टिक कर खेलने वाला बल्लेबाज क्रीज़ पर नहीं होगा, लेकिन खेल की दुनिया हमेशा उनके उस धैर्य की याद दिलाएगी जिसने क्रिकेट की क्लासिक खूबसूरती को बचाए रखा

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