बिना कप्तानी के भी लीडर है ये खिलाड़ी ,मिलिए भारत की अंडर-19 टीम की नई दीवार आरोन जॉर्ज से

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News India Live, Digital Desk : जब भी कोई नया टैलेंट मैदान पर आता है, तो अक्सर हम उसकी तुलना बड़े खिलाड़ियों से करने लगते हैं। लेकिन आरोन जॉर्ज की बात थोड़ी अलग है। अंडर-19 क्रिकेट की दुनिया में उन्हें 'बैटिंग स्पाइन' (Batting Spine) कहा जाने लगा है। इसका सीधा मतलब ये है कि जब भी ऊपरी क्रम लड़खड़ाता है या प्रेशर बढ़ता है, तो आरोन एक ऐसी चट्टान बन जाते हैं जिसे तोड़ना गेंदबाज़ों के लिए मुमकिन नहीं होता।

लीडरशिप के लिए आर्मबैंड की ज़रुरत नहीं
अक्सर माना जाता है कि जो कप्तान है, जिम्मेदारी सिर्फ उसकी है। लेकिन क्रिकेट के जानकार आरोन के बारे में कहते हैं कि वह एक ऐसे "बिना ताज के बादशाह" हैं जो मैदान पर अपनी फील्डिंग और बल्लेबाज़ी के ज़रिए पूरी टीम में जोश भर देते हैं। उन्हें किसी टाइटल की ज़रूरत नहीं है, उनकी गेम के प्रति समझ और हर बॉल को पढ़ने का अंदाज़ ही उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।

कैसा है उनका खेलने का अंदाज़?
आरोन जॉर्ज की सबसे बड़ी खूबी उनका संयम (Patience) है। आज के टी-20 दौर में जहाँ हर बच्चा हर बॉल पर छक्का मारना चाहता है, आरोन अपनी पुरानी शैली के साथ क्लासिकल क्रिकेट पर भरोसा रखते हैं। उनका फुटवर्क और गैप में शॉट खेलने की क्षमता उन्हें एक बेहतरीन टेस्ट प्लेयर के सांचे में भी ढालती दिख रही है। मैदान पर उनका कूल स्वभाव देखकर कभी-कभी ऐसा लगता है कि वो सिर्फ खेल ही नहीं रहे, बल्कि खेल को जी रहे हैं।

आगे की राह और उम्मीदें
2026 की शुरुआत है और आगे अंडर-19 के बड़े टूर्नामेंट्स लाइन में हैं। टीम मैनेजमेंट और कोचों की निगाहें पूरी तरह से इस युवा खिलाड़ी पर हैं। अगर वह इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब उन्हें सीनियर नेशनल टीम में जलवा बिखेरते हुए देखा जाएगा।