गाजा में अब किसका चलेगा हुक्म? जानिए उन दावेदारों को जो हमास की कमान संभाल सकते हैं
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की राजनीति और वहां चल रही जंग के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। हमास, जो पिछले लंबे समय से इजरायल के साथ युद्ध में उलझा हुआ है, अब एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। खबर यह है कि हमास जल्द ही अपना नया लीडर (प्रमुख) चुनने वाला है।
पिछले कुछ महीनों में हमने देखा कि इजरायल ने हमास के बड़े-बड़े नेताओं को निशाना बनाया। याह्या सिनवार और इस्माइल हानिया जैसे बड़े नामों के बाद, अब संगठन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा है "आखिर अब कमान कौन संभालेगा?"
यह चुनाव सिर्फ हमास का नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर इस बात पर पड़ेगा कि गाजा में चल रही लड़ाई आगे रुकेगी या और भड़केगी। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि इस रेस में कौन-कौन से घोड़े दौड़ रहे हैं।
रेस में सबसे आगे कौन? (The Top Contenders)
हमास के अंदर खाने से जो खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक मुख्य रूप से दो-तीन नाम ऐसे हैं जो सबसे आगे चल रहे हैं। हर दावेदार का अपना एक अलग अंदाज है।
- खलील अल-हैया (Khalil al-Hayya): कूटनीति का खिलाड़ी
इस लिस्ट में जो नाम सबसे ऊपर सुनने को मिल रहा है, वो है खलील अल-हैया का। ये वो शख्स है जिसे याह्या सिनवार का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता था। अल-हैया गाजा में ही डिप्टी चीफ रहा है और फिलहाल कतर में बैठकर बातचीत (Ceasefire Talks) की अगुवाई करता है।
माना जा रहा है कि ईरान का हाथ भी इसके सिर पर है। अगर खलील अल-हैया बनता है, तो इसका मतलब है कि हमास 'डिप्लोमेसी और युद्ध' दोनों को साथ लेकर चलेगा। वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमास का चेहरा बन सकता है। - खालिद मशाल (Khaled Meshaal): पुराना अनुभवी चेहरा
खालिद मशाल हमास के लिए कोई नया नाम नहीं है। वे पहले भी संगठन की कमान संभाल चुके हैं। इजरायल उन्हें भी कई बार मारने की कोशिश कर चुका है, लेकिन वे हर बार बच निकले। फिलहाल वे विदेश में रहकर संगठन का पॉलिटिकल काम देखते हैं।
हालांकि, कहा जाता है कि हमास के अंदर जो मिलिट्री विंग (लड़ाके) हैं, उनके साथ मशाल के रिश्ते कभी-कभी ऊपर-नीचे होते रहते हैं क्योंकि वे गाजा के अंदर के हालात से थोड़े दूर हैं। लेकिन उनका अनुभव उन्हें इस पद का मजबूत दावेदार बनाता है। - मोहम्मद सिनवार (Mohammad Sinwar): भाई की विरासत
एक नाम दबी जुबान में मोहम्मद सिनवार का भी लिया जा रहा है। ये याह्या सिनवार का भाई है और हमास की मिलिट्री विंग का एक बहुत बड़ा कमांडर है। अगर हमास किसी ऐसे नेता को चुनता है जो सिर्फ 'आर-पार की लड़ाई' में यकीन रखता है, तो मोहम्मद सिनवार का नंबर लग सकता है। लेकिन इसकी संभावना थोड़ी कम है क्योंकि वह एक मिलिट्री कमांडर है, पोलिटिकल नेता नहीं।
चुनौती सिर्फ इजरायल से नहीं, अंदर भी है
हमास के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा। संगठन इस वक्त बहुत नाजुक दौर से गुजर रहा है। एक तरफ इजरायल की बमबारी है, तो दूसरी तरफ गाजा के लोग हैं जो बेहाल हैं। नया लीडर ऐसा होना चाहिए जो न सिर्फ़ इजरायल से लोहा ले सके, बल्कि टूटते हुए संगठन को एक साथ जोड़कर भी रख सके।
मार्च तक हो सकता है फैसला
रिपोर्ट्स बता रही हैं कि हमास कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता। मार्च के महीने तक शायद तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो जाए। अभी तक कोई अंतरिम कमेटी ही फैसले ले रही थी, लेकिन अब दुनिया को यह पता चल जाएगा कि इजरायल के सामने खड़ा होने वाला अगला चेहरा कौन होगा।
एक बात तो तय है जो भी नया लीडर बनेगा, उसके फैसलों पर ही यह तय होगा कि मिडिल ईस्ट में शांति लौटेगी या बारूद की गंध और तेज होगी।