बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? डिप्टी CM विजय सिन्हा ने दिया दो टूक जवाब, सियासत में हलचल
News India Live, Digital Desk: बिहार की सत्ता में फेरबदल और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इसी बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता विजय कुमार सिन्हा ने 'अगले मुख्यमंत्री' के चेहरे को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उनके इस बयान ने न केवल विपक्ष के दावों पर पानी फेर दिया है, बल्कि एनडीए (NDA) के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर भी स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री पद की रेस में खुद के नाम या किसी अन्य चेहरे को लेकर पूछे गए सवालों पर बेहद संतुलित और 'पार्टी लाइन' पर आधारित जवाब दिया है।
'मैं रेस में नहीं, सेवक की भूमिका में हूं'
एक निजी समाचार चैनल के साथ बातचीत और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विजय सिन्हा ने साफ किया कि उनकी कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा मुख्यमंत्री बनने की नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं किसी रेस का हिस्सा नहीं हूं। मेरा काम बिहार की जनता की सेवा करना है और भाजपा का एक समर्पित सिपाही होने के नाते संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसे निभाऊंगा।" उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताए जाने वाली खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे फिलहाल एक 'सेवक' की भूमिका में राज्य के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर क्या बोले विजय सिन्हा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ संबंधों और भविष्य के नेतृत्व पर बात करते हुए विजय सिन्हा ने उनके अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनडीए में नेतृत्व का फैसला सामूहिक रूप से लिया जाता है और वर्तमान में सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार को 'जंगलराज' से बाहर निकाल रही है। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से 'भाजपा का मुख्यमंत्री' बनाने की उठती मांगों पर उन्होंने केवल इतना कहा कि भाजपा एक बड़ी पार्टी है और समय आने पर शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि आगे की कमान किसके हाथ में होगी।
तेजस्वी यादव के 'पब्लिक डिबेट' चैलेंज पर पलटवार
बिहार में नेतृत्व के सवाल के साथ-साथ विकास के मुद्दे पर भी सियासी घमासान तेज है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा हाल ही में दिए गए 'पब्लिक डिबेट' के चैलेंज पर विजय सिन्हा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति करते हैं, उन्हें विकास पर बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। डिप्टी सीएम ने चुनौती देते हुए कहा कि एनडीए सरकार के काम जमीन पर दिख रहे हैं और जनता 2026 के चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।
भ्रष्टाचार और माफियाराज के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'
मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चाओं के बीच विजय सिन्हा अपने विभाग (खनन एवं भूतत्व) में भी काफी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अवैध बालू और खनिज तस्करी रोकने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर 25 गुना जुर्माना लगाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय सिन्हा का यह 'कड़क' अंदाज और ईमानदारी की छवि उन्हें भविष्य में एक बड़े नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर सकती है, भले ही वे अभी सार्वजनिक तौर पर किसी पद की दावेदारी से इनकार कर रहे हों।