NASA Artemis II Mission : जब चांद के रास्ते में ही क्रैश हुआ अंतरिक्ष यात्री का Outlook, नासा के मिशन कंट्रोल ने रिमोटली सुलझाई माइक्रोसॉफ्ट की समस्या
News India Live, Digital Desk: कल्पना कीजिए कि आप धरती से हजारों मील दूर अंतरिक्ष की गहराई में हैं, मिशन है 50 साल बाद चांद का चक्कर लगाना और अचानक आपके कंप्यूटर का 'Microsoft Outlook' काम करना बंद कर दे! सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के मजाकिया सीन जैसा लग सकता है, लेकिन नासा के ऐतिहासिक आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन के दौरान वास्तव में ऐसा ही हुआ। करोड़ों डॉलर के इस मिशन में तब अजीब स्थिति पैदा हो गई जब अंतरिक्ष यात्रियों को उसी सॉफ्टवेयर समस्या का सामना करना पड़ा जिससे पृथ्वी पर हम अक्सर परेशान होते हैं।
अंतरिक्ष में 'Microsoft Surface Pro' पर अटका आउटलुक
नासा के 4 जांबाज अंतरिक्ष यात्री 2 अप्रैल 2026 को चंद्रमा की ओर रवाना हुए हैं। सफर के दौरान मिशन कमांडर रीड वाइसमैन ने पृथ्वी पर मौजूद ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल को एक चौंकाने वाली सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके पर्सनल कंप्यूटिंग डिवाइस Microsoft Surface Pro पर आउटलुक ऐप नहीं खुल रहा है। वाइसमैन ने रेडियो संदेश में कहा, "मेरे डिवाइस पर दो आउटलुक हैं और दोनों ही इस समय काम नहीं कर पा रहे हैं, क्या आप इसे रिमोटली चेक कर सकते हैं?"
मिशन कंट्रोल ने 'रिमोट एक्सेस' से दूर की बाधा
जैसे ही यह तकनीकी खराबी सामने आई, नासा की ग्राउंड टीम तुरंत एक्शन में आ गई। पृथ्वी से लाखों किलोमीटर दूर उड़ रहे यान के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस के जरिए एक्सेस किया गया। कुछ ही देर की मशक्कत के बाद कंट्रोल सेंटर ने खुशखबरी दी कि 'Optimus' से जुड़ी समस्या हल कर ली गई है और आउटलुक अब काम कर रहा है। हालांकि, टीम ने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष की दूरी और कनेक्टिविटी के कारण आउटलुक फिलहाल ऑफलाइन मोड में ही दिखाई देगा।
टॉयलेट फैन जाम के बाद सॉफ्टवेयर की चुनौती
आर्टेमिस II मिशन की शुरुआत से ही क्रू को छोटी-मोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले यान के टॉयलेट फैन के जाम होने की खबर आई थी, जिसे ग्राउंड टीम के निर्देशों पर ठीक किया गया। वर्तमान में मिशन कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, और मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच व जेरेमी हैंसन सुरक्षित हैं। 3 अप्रैल 2026 को क्रू ने ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न (TLI) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसका मतलब है कि उनका यान अब सीधे चंद्रमा की कक्षा की ओर बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी 'माइक्रोसॉफ्ट' को लेकर बहस
जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोग इस बात पर हैरान हैं कि नासा जैसे क्रिटिकल मिशन के लिए भी माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक जैसे कमर्शियल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा, "चाहे आप पृथ्वी पर हों या चांद के रास्ते में, माइक्रोसॉफ्ट अपडेट और क्रैश से कोई नहीं बच सकता!" हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष यात्रियों के निजी संचार के लिए अक्सर स्टैंडर्ड डिवाइस और ऐप्स का उपयोग किया जाता है।