ठंड में दिल का ख्याल कड़ाके की ठंड और हार्ट अटैक का क्या है सीधा कनेक्शन?
News India Live, Digital Desk : दरअसल, सर्दियों में जब तापमान गिरता है, तो हमारा शरीर गर्मी बचाने की कोशिश करता है। डॉक्टर प्रतीक चौधरी के अनुसार, कड़ाके की ठंड में हमारी खून की नलियां (Blood Vessels) सिकुड़ने लगती हैं। इसे डॉक्टरी भाषा में 'वेसोकॉन्स्ट्रिक्शन' कहते हैं। जब नलियां संकरी होती हैं, तो दिल को शरीर में खून पंप करने के लिए पहले से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नतीजा? ब्लड प्रेशर (BP) अचानक से बढ़ने लगता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
परतों वाली सुरक्षा क्यों है बेहतर?
हम में से ज्यादातर लोग ठंड लगने पर एक बहुत बड़ी जैकेट पहन लेते हैं। लेकिन डॉक्टर सलाह देते हैं कि एक मोटी जैकेट की तुलना में तीन-चार हल्की परतों (Layered Clothing) वाले कपड़े पहनना दिल के लिए कहीं ज़्यादा सुरक्षित है। इसके पीछे की साइंस ये है कि कपड़ों की परतों के बीच में हवा (Air Trap) रुक जाती है, जो कुदरती तौर पर शरीर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती। इससे शरीर का तापमान स्थिर रहता है और दिल को अचानक मिलने वाले झटकों (Temperature Shock) से बचाव होता है।
सुबह की ठंड और सावधानी
2026 की यह सर्दियाँ कुछ खास चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए बुजुर्गों और दिल के मरीजों को खास ख्याल रखना चाहिए। डॉक्टर प्रतीक चौधरी कहते हैं कि अक्सर लोग सुबह-सुबह अंधेरे में सैर करने निकल जाते हैं, जो कि सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है। जब शरीर अचानक बाहरी ठंडी हवा के संपर्क में आता है, तो दिल पर जबरदस्त दबाव पड़ता है।
कुछ छोटे बदलाव, बड़ा बचाव:
- सिर और हाथ-पैर ढंक कर रखें: हमारे शरीर की आधी गर्मी सिर और हथेलियों के ज़रिये बाहर निकलती है, इसलिए टोपी और मोज़े ज़रूर पहनें।
- कमरे को अचानक गर्म-ठंडा न करें: बहुत ज़्यादा गरम हीटर के कमरे से एकदम बाहर की कड़क ठंड में जाने से बचें।
- हल्की एक्सरसाइज घर के अंदर ही करें: अगर आप हार्ट पेशेंट हैं, तो ठंडी हवा में व्यायाम करने के बजाय घर की सीढ़ियों या लिविंग रूम में ही योग या वॉकिंग करें।
सर्दियां लुत्फ उठाने का समय हैं, बशर्ते हम अपने दिल की आवाज़ भी सुनें। याद रखिये, गरम कपड़े सिर्फ हमें जुकाम से नहीं बचाते, वे हमारे दिल के सबसे बड़े ढाल (Protective Shield) भी हैं।