मृत्यु के बाद क्या होता है? गरुड़ पुराण की ये 5 बातें हर किसी को जाननी चाहिए
News India Live, Digital Desk: जीवन का सबसे बड़ा सच है मृत्यु. जिसने जन्म लिया है, उसकी मृत्यु निश्चित है. लेकिन मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है? क्या उसे शांति मिलती है या वह भटकती रहती है? ऐसे कई सवाल हैं जो हम सभी के मन में कभी न कभी आते हैं. हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ गरुड़ पुराण में इन सवालों के जवाब दिए गए हैं.
गरुड़ पुराण को अक्सर मृत्यु और उसके बाद की घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है, जिस वजह से कई लोग इसे पढ़ने से डरते हैं. लेकिन असल में यह ग्रंथ हमें जीवन जीने का सही तरीका सिखाता है. इसमें बताया गया है कि इंसान को जीते जी कैसे कर्म करने चाहिए, ताकि मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को सद्गति यानी मोक्ष की प्राप्ति हो सके.
आज हम गरुड़ पुराण में बताई गई ऐसी ही 5 सरल बातों के बारे में जानेंगे, जिन्हें अपने जीवन में अपनाकर कोई भी व्यक्ति मृत्यु के बाद होने वाले कष्टों से बच सकता है और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है.
1. अन्नदान: सबसे बड़ा दान
"किसी भूखे को खाना खिलाना पुण्य का काम है." यह बात हम बचपन से सुनते आए हैं. गरुड़ पुराण में अन्नदान को बहुत बड़ा दर्जा दिया गया है. इसके अनुसार, जो व्यक्ति अपने जीवन में भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराता है, उसके लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं. मृत्यु के बाद यमलोक के मार्ग में उसकी आत्मा को कोई कष्ट नहीं होता और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसलिए, अपनी कमाई का एक छोटा हिस्सा हमेशा दान-पुण्य में लगाना चाहिए.
2. ईश्वर का ध्यान और नाम जपना
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर भगवान को याद करना भूल जाते हैं. लेकिन गरुड़ पुराण कहता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से अपने इष्टदेव का ध्यान करता है, पूजा-पाठ करता है और उनके नाम का जाप करता है, उस पर हमेशा ईश्वर की कृपा बनी रहती है. ऐसे व्यक्ति के मन से मृत्यु का भय निकल जाता है और मृत्यु के बाद उसकी आत्मा सीधे बैकुंठ धाम जाती है.
3. तप और व्रत का पालन
तपस्या का मतलब सिर्फ जंगल में जाकर साधना करना नहीं है. अपने मन को काबू में रखना, अपनी इंद्रियों को वश में करना और निस्वार्थ भाव से जीवन जीना भी एक तरह का तप ही है. जो लोग जीवन में सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हैं, एकादशी जैसे पवित्र व्रत रखते हैं और गलत कामों से खुद को दूर रखते हैं, वे मृत्यु के बाद किसी भी तरह के कष्ट से दूर रहते हैं.
4. पवित्र नदियों में स्नान
हिंदू धर्म में गंगा, यमुना, सरस्वती जैसी नदियों को बहुत पवित्र माना गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति इन पवित्र नदियों में सच्ची श्रद्धा से स्नान करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप धुल जाते हैं. माना जाता है कि ऐसा करने से शरीर और आत्मा दोनों पवित्र हो जाते हैं, जिससे मोक्ष का मार्ग आसान हो जाता है.
5. गाय की सेवा
गाय को हिंदू धर्म में 'माता' का दर्जा दिया गया है. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि गौ-सेवा करने वाले व्यक्ति से देवी-देवता हमेशा प्रसन्न रहते हैं. जो व्यक्ति गाय को भोजन कराता है, उसकी सेवा करता है और गौशाला में दान देता है, उसे जीवन में तो सुख-समृद्धि मिलती ही है, साथ ही मृत्यु के बाद भी उसकी आत्मा को शांति और सद्गति प्राप्त होती है.
संक्षेप में, गरुड़ पुराण हमें डराता नहीं, बल्कि हमें यह सिखाता है कि अच्छे कर्मों का फल हमेशा अच्छा ही होता है. अगर हम जीते जी इन सरल बातों को अपने जीवन का हिस्सा बना लें, तो हमें न तो जीवन में किसी बात का डर रहेगा और न ही मृत्यु के बाद के सफर का.