अमीर बनने का तरीका, पति-पत्नी मिलकर कमा सकते हैं 1.33 करोड़ रुपये, एक रुपये पर भी नहीं लगेगा टैक्स
पीपीएफ में संयुक्त खाता नहीं होता, लेकिन पति-पत्नी दोनों अपने नाम से अलग-अलग खाते खोल सकते हैं। अगर दोनों हर साल ₹1.5 लाख जमा करते हैं, तो कुल वार्षिक निवेश ₹3 लाख होता है। यह कम समय में एक बड़ा फंड बनाने का एक शानदार तरीका है।

यदि दोनों सालाना 1.5 लाख रुपये या प्रति माह 12,500 रुपये का निवेश करते हैं, तो 20 वर्षों में कुल निवेश 60 लाख रुपये होगा।

7.1% की मौजूदा ब्याज दर पर, चक्रवृद्धि ब्याज लगभग ₹1.33 करोड़ तक पहुँच सकता है। इसका मतलब है कि पति-पत्नी बिना किसी बाज़ार जोखिम के, आसानी से करोड़पति बन सकते हैं।

पीपीएफ में निवेश करने पर 'EEE' टैक्स लाभ मिलते हैं: निवेश कर-मुक्त (80सी छूट), ब्याज कर-मुक्त, और परिपक्वता राशि भी कर-मुक्त। इसका मतलब है कि पूरे ₹1.33 करोड़ आपके होंगे, और सरकार को एक भी पैसा टैक्स नहीं देना होगा।

पीपीएफ खाता 15 साल में परिपक्व होता है, लेकिन इसे 5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। बस परिपक्वता के एक साल के भीतर फॉर्म H जमा करें। इससे आपका खाता सक्रिय रहेगा और ब्याज मिलता रहेगा। यह विस्तार आपके धन को तेज़ी से करोड़ों में बढ़ा सकता है।

पीपीएफ पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली योजना है। इसमें शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या पैसे गंवाने का कोई जोखिम नहीं होता। ब्याज दर हर साल बढ़ती है, जिससे आपका पैसा लगातार बढ़ता रहता है। यह विवाहित जोड़ों के लिए अपने भविष्य के लिए एक सुरक्षित, कर-मुक्त निधि बनाने का सबसे विश्वसनीय तरीका है।