सालों का इंतजार खत्म! गोरखपुर के पास बिछ रही है 52 KM लंबी नई रेलवे लाइन, बनेंगे 7 स्टेशन
गोरखपुर और आसपास के पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। वो सपना जो कई दशकों से अधूरा था, अब हकीकत की ज़मीन पर उतरने जा रहा है। भारतीय रेलवे ने सहजनवा से दोहरीघाट तक एक बिल्कुल नई, 52 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया है।
सोचिए, जिन इलाकों तक पहुँचने के लिए अभी सड़क के रास्ते लंबे और थकाऊ चक्कर काटने पड़ते हैं, जल्द ही वहाँ ट्रेन की सीटी सुनाई देगी। यह सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं है, यह इस पूरे इलाके की तरक्की की नई पटरी बनने जा रही है।
क्या है यह पूरा प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल की कनेक्टिविटी की तस्वीर पूरी तरह से बदल देगा:
- लंबाई: यह नई रेल लाइन 52 किलोमीटर लंबी होगी।
- नए स्टेशन: रास्ते में 7 बिल्कुल नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे छोटे-छोटे कस्बों और गांवों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
- मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: इस लाइन पर कई छोटे-बड़े पुल और 2 नए अंडरपास भी बनाए जाएंगे ताकि ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
कहां तक पहुंचा है काम?
रेलवे ने इस सपने को सच करने की पहली और सबसे बड़ी सीढ़ी पर कदम रख दिया है। इस नई लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यानी अब यह प्रोजेक्ट सिर्फ कागजों में नहीं है, बल्कि ज़मीन पर उतर चुका है।
एक खोई हुई उम्मीद की वापसी है यह लाइन
आपको जानकर शायद हैरानी होगी कि यह कोई बिल्कुल नई लाइन नहीं है। दरअसल, सालों पहले इसी रास्ते पर एक 'छोटी लाइन' (मीटर गेज) हुआ करती थी। यह लाइन इलाके की जीवन रेखा थी। लेकिन कई साल पहले आई एक भयंकर बाढ़ में यह पुरानी लाइन बह गई थी, और इसके साथ ही यहाँ के लोगों की उम्मीदें भी टूट गई थीं।
अब उसी पुरानी, खोई हुई जीवन रेखा को फिर से एक नए और मज़बूत 'बड़ी लाइन' (ब्रॉड गेज) के रूप में लौटाया जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि एक खोई हुई उम्मीद की वापसी है।
आम आदमी को क्या फायदा होगा?
इस लाइन के बनने से न सिर्फ सहजनवा, बांसगांव और गोला बाज़ार जैसे इलाकों के लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि यह लाइन सीधे गोरखपुर-लखनऊ मेन लाइन से जुड़ जाएगी। इससे यहाँ के लोगों के लिए गोरखपुर, लखनऊ और देश के दूसरे बड़े शहरों तक पहुँचना बहुत सस्ता, आसान और आरामदायक हो जाएगा। यहाँ के किसानों, व्यापारियों और छात्रों को इसका सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक पटरी नहीं है, यह पूरे इलाके के लिए विकास और समृद्धि का एक नया हाईवे बनने जा रही है।