बिना सूचना के बदले बूथ, वोटिंग सेंटर पर भटकते रहे मतदाता जमशेदपुर नगर निकाय चुनाव में भारी अव्यवस्था
News India Live, Digital Desk : झारखंड नगर निकाय चुनाव के लिए आज सुबह से ही वोटिंग जारी है, लेकिन जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में मतदाताओं के लिए यह अनुभव बेहद परेशानी भरा रहा। सालों से एक ही निश्चित स्थान पर वोट डालने वाले नागरिकों को तब झटका लगा जब वे मतदान केंद्र पहुँचे और उन्हें पता चला कि उनका नाम उस लिस्ट में है ही नहीं।
डिमना के आरवीएस एकेडमी (RVS Academy) में हंगामा
सबसे ज्यादा अव्यवस्था मानगो के डिमना स्थित आरवीएस एकेडमी केंद्र पर देखने को मिली:
बिना नोटिस परिवर्तन: कई बुजुर्ग मतदाता इस उम्मीद में आए थे कि वे हमेशा की तरह इसी स्कूल में वोट डालेंगे, लेकिन वहां तैनात अधिकारियों ने बताया कि उनका बूथ कहीं और शिफ्ट कर दिया गया है।
हेल्प डेस्क की कमी: केंद्रों पर पर्याप्त हेल्प डेस्क या सहायता कर्मी मौजूद नहीं थे जो मतदाताओं को उनके नए आवंटित बूथ का सही पता बता सकें।
खाली हाथ लौटे मतदाता: कई मतदाताओं ने गुस्से में बिना वोट डाले ही घर लौटने का फैसला किया। उनका आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने न तो समय पर पर्चियां बांटीं और न ही सोशल मीडिया या अखबारों के जरिए बूथ बदलने की कोई स्पष्ट जानकारी दी।
मतदाताओं का दर्द: "इस उम्र में अब कहाँ भटकें?"
70 वर्षीय एक बुजुर्ग मतदाता ने बताया, "हम पिछले 15 सालों से इसी स्कूल में वोट डाल रहे हैं। इस बार अचानक बताया जा रहा है कि आपका बूथ 2 किलोमीटर दूर शिफ्ट हो गया है। इस गर्मी और भीड़ में हम नए बूथ को ढूंढने कहाँ जाएंगे?"
प्रशासन का पक्ष
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि सुचारू मतदान के लिए कुछ केंद्रों का युक्तिकरण (Rationalization) किया गया था। हालांकि, उन्होंने माना कि सूचना के अभाव में कुछ समस्याएं आई हैं। प्रशासन अब लाउडस्पीकर और मोबाइल वैन के जरिए मतदाताओं को सही जानकारी देने की कोशिश कर रहा है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
जमशेदपुर के मानगो नगर निगम में सबसे अधिक भ्रम की स्थिति।
बिना सूचना के बूथ बदलने से वोटिंग प्रतिशत पर असर पड़ने की आशंका।
वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक शारीरिक और मानसिक परेशानी हुई।
स्थानीय लोगों ने चुनाव प्रबंधन को लेकर सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।