चीन और दुबई को पछाड़ेगा विझिंजम शशि थरूर ने की गेमचेंजर पोर्ट की तारीफ, बोले-संकट के समय भारत के लिए बना वरदान
News India Live, Digital Desk: केरल के तट पर स्थित विझिंजम अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह (Vizhinjam Port) इस समय वैश्विक व्यापार की सुर्खियों में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने इस पोर्ट की जमकर प्रशंसा की है। थरूर का मानना है कि जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन चरमरा रही है, तब विझिंजम भारत के लिए एक 'चमकते सितारे' की तरह उभरा है। यह बंदरगाह न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि पड़ोसी देशों की निर्भरता भी खत्म करेगा।
वैश्विक संकट के बीच भारत की नई ताकत
दुनिया भर में चल रहे युद्ध और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरों के बीच विझिंजम पोर्ट ने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि विझिंजम के चालू होने से भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास गहरे पानी का ट्रांसशिपमेंट हब है। उन्होंने इसे एक ऐसा मील का पत्थर बताया जो आने वाले दशकों में भारत की समुद्री शक्ति की परिभाषा बदल देगा।
कोलंबो और सिंगापुर की बादशाहत को चुनौती
अब तक भारत के मालवाहक जहाजों को ट्रांसशिपमेंट के लिए श्रीलंका के कोलंबो या सिंगापुर जैसे बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी बाहर जाता था। विझिंजम पोर्ट के पूरी तरह सक्रिय होने से अब बड़े मदर वेसल्स (विशालकाय जहाज) सीधे भारतीय तट पर लंगर डाल सकेंगे। थरूर ने इसे भारत की आर्थिक आजादी की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
अडाणी ग्रुप और सरकार के प्रयासों का नतीजा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अडाणी पोर्ट्स द्वारा विकसित किया गया है। थरूर ने परियोजना के क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि यह पोर्ट न केवल केरल के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक लॉजिस्टिक हब बनेगा। इसकी गहराई और आधुनिक तकनीक इसे दुनिया के बेहतरीन बंदरगाहों की श्रेणी में खड़ा करती है। जानकारों का कहना है कि यह पोर्ट भविष्य में दुबई के जेबेल अली पोर्ट को भी कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखता है।
विझिंजम: सामरिक और आर्थिक सुरक्षा का कवच
मिडल-ईस्ट में जारी अस्थिरता के बीच भारत को एक ऐसे वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षित ठिकाने की जरूरत थी, जो निर्बाध व्यापार सुनिश्चित कर सके। विझिंजम इस जरूरत को बखूबी पूरा कर रहा है। थरूर के इस बयान को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि जब देश की प्रगति की बात आती है, तो ऐसे बुनियादी ढांचों का स्वागत पूरे दिल से होना चाहिए।