विराट कोहली की टेस्ट वापसी? अश्विन ने फैंस को दी नसीहत, कहा जो वक्त बीत गया, वो लौटकर नहीं आता
News India Live, Digital Desk : हम भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल बहुत अजीब होता है। जब हमारा पसंदीदा खिलाड़ी खेलता है, तो हम उसकी आलोचना करते हैं, और जब वो टीम से दूर हो जाता है, तो हम उसकी वापसी (Comeback) की रट लगा लेते हैं। आजकल सोशल मीडिया पर और चाय की टपरी पर एक ही चर्चा है "क्या विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में वापस आएंगे?"
फैंस को उम्मीद थी कि शायद किंग कोहली फिर से व्हाइट जर्सी पहनेंगे और मैदान पर दहाड़ेंगे। लेकिन अब, टीम इंडिया के सबसे समझदार और सीनियर खिलाड़ी, रविचंद्रन अश्विन (R. Ashwin) ने इस मुद्दे पर जो कहा है, वो शायद कई फैंस को अच्छा न लगे, पर हकीकत यही है।
अश्विन ने क्या कहा? (The Reality Check)
हाल ही में जब अश्विन से विराट की वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही प्रैक्टिकल जवाब दिया। उन्होंने भावनाओं में बहने के बजाय सच्चाई का साथ दिया। अश्विन का कहना है कि "वक्त किसी का इंतजार नहीं करता (Time doesn't wait for anyone)।"
अश्विन ने साफ शब्दों में समझाया कि जब कोई बड़ा खिलाड़ी एक बार ब्रेक ले लेता है या टीम ट्रांजिशन (बदलाव) के दौर से गुजरती है, तो वापसी करना उतना आसान नहीं होता जितना बाहर से लगता है। उन्होंने कहा कि विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के बहुत बड़े लीजेंड हैं, लेकिन अब हमें आगे देखना चाहिए।
"पुराने को पकड़कर मत बैठो"
अश्विन की बात में बहुत गहरा मतलब छिपा है। उन्होंने इशारा किया कि यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और सरफराज खान जैसे युवा खिलाड़ी अब अपनी जगह बना रहे हैं। ऐसे में पीछे मुड़कर देखना नई पीढ़ी के साथ नाइंसाफी होगी।
उन्होंने एक दोस्त और साथी खिलाड़ी के तौर पर यह माना कि विराट जैसा कोई नहीं हो सकता, लेकिन क्रिकेट का पहिया हमेशा आगे बढ़ता है। अश्विन ने कहा कि ऐसी उम्मीदें पालना कि 'वो आएंगे और सब ठीक कर देंगे', यह यथार्थवादी (Realistic) नहीं है। हर खिलाड़ी का एक दौर होता है, और हमें उस दौर के खत्म होने का सम्मान करना चाहिए।
फैंस के लिए समझना मुश्किल क्यों?
हम सबने विराट को सालों तक टीम इंडिया को मुसीबत से निकालते देखा है। इसलिए जब भी टीम इंडिया टेस्ट में स्ट्रगल करती है, हमारी नजरें विराट को ढूँढती हैं। लेकिन अश्विन का यह बयान एक 'वार्म-अप कॉल' की तरह है कि अब हमें हकीकत स्वीकार करनी होगी।
विराट का जो योगदान था, वो सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है। अश्विन कह रहे हैं कि उस लीगेसी को वहीं रहने दें, उसे बार-बार कुरेदें नहीं।