Virat Kohli ने जिसे बचाया, अधिकारी ने उसे ही जड़ा थप्पड़? वीडियो देख खून खौल जाएगा

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News India Live, Digital Desk : भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं है, और विराट कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं हैं वे करोड़ों दिलों की धड़कन हैं। फैंस अपने इस चहेते सितारे की एक झलक पाने या उनके पैर छूने के लिए अक्सर सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में घुस जाते हैं। ऐसा ही कुछ एक बार फिर हुआ, लेकिन इस बार कहानी में थोड़ा दुःखद मोड़ आ गया है।

कोहली का बड़प्पन, फैन की दीवानगी

मैच के दौरान एक उत्साहित फैन सुरक्षा को धता बताते हुए सीधे मैदान पर आ धमका और विराट कोहली के करीब पहुँच गया। आम तौर पर सुरक्षाकर्मी ऐसे लोगों को बुरी तरह दबोच लेते हैं, लेकिन विराट कोहली ने यहाँ बड़ा दिल दिखाया।

उन्होंने न सिर्फ उस फैन को नुकसान पहुँचाने से रोका, बल्कि सुरक्षा अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से इशारा करके साफ़ कहा कि उस लड़के के साथ नरमी से पेश आएं और उसे आराम से बाहर ले जाएं। विराट का यह अंदाज देख स्टेडियम में मौजूद हर शख्स ने तालियां बजाईं। यह दिखाता है कि वह अपने फैंस की भावनाओं की कितनी कदर करते हैं।

फिर हुआ वो, जिसकी उम्मीद नहीं थी

लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं हुई। मैदान से बाहर ले जाते वक्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस फैन के लिए विराट ने नरमी बरतने की अपील की थी, उसी फैन के साथ बाद में बदसलूकी की गई।

वायरल वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि एक मैच ऑफिशियल या सुरक्षाकर्मी ने उस फैन को थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना तब हुई जब उसे पकड़कर ले जाया जा रहा था।

फैंस का फूटा गुस्सा

इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खुद विराट कोहली जो कि सुरक्षा का मुख्य कारण थे ने फैन को छोड़ने को कह दिया था, तो फिर अधिकारी को हाथ उठाने का क्या हक है?

बेशक, सुरक्षा नियम तोड़ना गलत है और इसकी सजा कानून के हिसाब से होनी चाहिए, लेकिन किसी फैन के साथ ऐसा हिंसक व्यवहार करना, वो भी एक 'नेशनल हीरो' की अपील के बाद, कई लोगों को नागवार गुज़र रहा है।

दोस्तों, खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है, लेकिन प्यार और पागलपन के बीच एक महीन लकीर होती है। उम्मीद है कि भविष्य में सुरक्षा एजेंसियां इस बात का भी ख्याल रखेंगी कि भीड़ को कैसे संभालना है। आप इस घटना के बारे में क्या सोचते हैं? क्या अधिकारी का थप्पड़ मारना सही था?