Snake Bite Myths: क्या होता है 'ड्राई बाइट'? जब बिना जहर फैलाए ही काट लेता है सांप, अंधविश्वास से दूर रहना क्यों है जरूरी
भारत के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आज भी सांप काटने (Snake Bite) को लेकर कई तरह के अंधविश्वास और भ्रांतियां फैली हुई हैं। अक्सर लोग डॉक्टर के पास भागने से पहले स्थानीय ओझा, तांत्रिक या झाड़फूंक करने वालों की शरण में चले जाते हैं। कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि झाड़फूंक के बाद मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है, और लोग इसे किसी बाबा या मंत्र का 'चमत्कार' मान लेते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस तथाकथित चमत्कार के पीछे का असली सच क्या है? चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कोई जादू-टोना नहीं, बल्कि विशुद्ध विज्ञान काम करता है जिसे समझना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है।
क्या होता है 'ड्राई बाइट' (Dry目标 Bite)?
चिकित्सा विशेषज्ञों और जीव वैज्ञानिकों के अनुसार, हर बार जब कोई जहरीला सांप किसी इंसान को काटता है, तो यह बिल्कुल जरूरी नहीं कि वह उसके शरीर में जहर (Venom) छोड़े ही। इसी स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में 'ड्राई बाइट' (Dry Bite) कहा जाता है।
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दांतों का निशान: इस स्थिति में सांप के नुकीले दांत इंसान की त्वचा में पूरी तरह धंसते हैं, घाव भी होता है, लेकिन सांप अपनी मर्जी से या हड़बड़ाहट में जहर की थैली से जहर को शरीर के भीतर इंजेक्ट नहीं करता।
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क्यों बच जाते हैं लोग: चूंकि शरीर में कोई जहर गया ही नहीं होता, इसलिए व्यक्ति बिना किसी एंटी-वेनम या विशेष इलाज के भी पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित रहता है।
तांत्रिकों की 'चमत्कारी' छवि का असली गणित
मान लीजिए किसी व्यक्ति को सांप ने काटा और वह मामला एक 'ड्राई बाइट' का था। अब घबराहट में परिवार वाले उसे किसी तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक ने कुछ मंत्र पढ़े या जड़ी-बूटी का दिखावा किया। चूंकि शरीर में पहले से ही जहर नहीं था, इसलिए मरीज थोड़ी देर में बिल्कुल ठीक हो गया। आम लोगों को लगा कि तांत्रिक के मंत्रों ने सांप का जहर उतार दिया, जबकि सच्चाई यह थी कि वहां कोई जहर था ही नहीं। इसी वजह से झाड़फूंक करने वालों का धंधा चमकता है और समाज में अंधविश्वास की जड़ें मजबूत होती हैं।
हर सांप का काटना जानलेवा नहीं होता: आंकड़े क्या कहते हैं?
वैज्ञानिक अध्ययनों और शोधों से यह बात साफ हो चुकी है कि जहरीले सांपों के काटने के करीब 20 से 25 प्रतिशत मामलों में जहर इंसान के शरीर तक पहुंचता ही नहीं है। इसके अलावा, भारत में पाए जाने वाले सभी सांप जहरीले नहीं होते।
सांप के काटने की स्थितियों को आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:
सांप काट ले तो सबसे पहले क्या करें? (First Aid Tips)
अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो घबराने या ओझा के चक्कर में समय बर्बाद करने के बजाय इन प्राथमिक बातों का विशेष ध्यान रखें:
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मरीज को शांत रखें: सांप काटने के बाद सबसे पहले व्यक्ति को मानसिक रूप से शांत करना जरूरी है। घबराहट और डर की वजह से इंसान का दिल तेजी से धड़कने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन तेज होने से, अगर सांप का जहर शरीर में गया है, तो वह बहुत तेजी से पूरे शरीर में फैल सकता है।
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हिलना-डुलना पूरी तरह बंद करें: प्रभावित हिस्से (हाथ या पैर) को ज्यादा न हिलाएं। मरीज को आराम से सीधा लिटाकर रखें ताकि जहर का फैलाव धीमा रहे।
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गहने या तंग कपड़े तुरंत उतारें: अगर पैर या हाथ में सांप ने काटा है, तो वहां पहनी हुई अंगूठी, घड़ी, कड़ा या तंग कपड़े तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये खून के दौरे को रोक सकते हैं।
झाड़फूंक नहीं, अस्पताल है एकमात्र इलाज
सांप के काटने के बाद सबसे कीमती चीज 'समय' होती है। किसी भी घरेलू नुस्खे, नीम-हकीम या तांत्रिक के चक्कर में आधा-एक घंटा गंवाना सीधे तौर पर मरीज को मौत के मुंह में धकेलने जैसा है। जहरीले सांप के असर को बेअसर करने का एकमात्र और सबसे प्रामाणिक इलाज एंटी-वेनम इंजेक्शन (Anti-Venom) है, जो सिर्फ और सिर्फ अस्पतालों में ही उपलब्ध होता है। अंधविश्वास की जगह जागरूकता और सही समय पर लिया गया डॉक्टरी फैसला ही किसी की अमूल्य जिंदगी को बचा सकता है।