Vayu Shakti 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रचंड में भरी उड़ान जैसलमेर की सीमा पर रचा इतिहास, बनीं पहली को-पायलट राष्ट्रपति

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News India Live, Digital Desk : आज, 27 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल स्वदेशी कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वह किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में बतौर 'को-पायलट' उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

1. उड़ान की मुख्य बातें (Flight Highlights)

पायलट: राष्ट्रपति मुर्मू के साथ ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ ने हेलीकॉप्टर को उड़ाया। दूसरे 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी फॉर्मेशन में साथ रहे।

क्षेत्र: यह उड़ान भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब जैसलमेर और पोखरण के ऊपर भरी गई।

रेडियो संदेश: हवा में उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने कॉकपिट से ही राष्ट्र के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा, "प्रचंड हेलीकॉप्टर आत्मनिर्भर भारत का शक्तिशाली प्रतीक है। मैं जैसलमेर के किले के ऊपर से हमारे बहादुर सैनिकों को सलाम करती हूँ।"

2. 'प्रचंड' क्यों है खास? (Why LCH Prachand?)

स्वदेशी तकनीक: इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा पूरी तरह भारत में बनाया गया है।

ऊंचाई पर मारक क्षमता: यह दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जो 5,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई (जैसे सियाचिन) पर टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकता है।

हथियार: यह 20 मिमी गन, हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस है।

3. 'वायु शक्ति-2026' अभ्यास का हिस्सा

राष्ट्रपति की यह उड़ान भारतीय वायुसेना के मेगा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

फायरपावर प्रदर्शन: आज शाम पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना अपना सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी।

शामिल विमान: राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस, जगुआर और अपाचे जैसे विमान अपनी अचूक मारक क्षमता दिखाएंगे।

वीवीआईपी उपस्थिति: इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल हो रहे हैं।

4. मुर्मू का 'हवाई' सफरनामा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले भी लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुकी हैं:

अप्रैल 2023: तेजपुर (असम) से सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी।

अक्टूबर 2025: अंबाला से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रचा था।