हमीरपुर में नाली निर्माण और बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल: सपा की पूर्व चेयरमैन और बीजेपी की वर्तमान चेयरमैन में तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई

हमीरपुर में नाली निर्माण और बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल: सपा की पूर्व चेयरमैन और बीजेपी की वर्तमान चेयरमैन में तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा नगर पंचायत क्षेत्र से महिला नेताओं के बीच सरेराह भिड़ंत का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कस्बे के वार्ड नंबर 9 में जलभराव की समस्या को लेकर चल रहे नाली निर्माण और बुलडोजर से की गई तोड़फोड़ को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के बीच देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद कस्बे में राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव फैल गया है।

क्या है पूरा मामला? नाली निर्माण और घर की रेलिंग तोड़े जाने से भड़का विवाद

स्थानीय सूत्रों और घटनाक्रम के अनुसार, विवाद की शुरुआत कुरारा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9 में नाली निर्माण की दिशा और कथित अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई:

  • जलभराव से निपटने के लिए पहुंची थीं वर्तमान चेयरमैन: बीजेपी समर्थित वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर नगर पंचायत के कर्मचारियों और बुलडोजर (जेसीबी) के साथ मौके पर पहुंची थीं। उनका कहना था कि बारिश के मौसम में मोहल्ले में भारी जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिसकी शिकायत स्थानीय निवासियों ने की थी। जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कार्य कराया जा रहा था।

  • पूर्व चेयरमैन के आवास के पास बुलडोजर का इस्तेमाल: निर्माण कार्य के दौरान नाली के दायरे में आ रहे पक्के ढांचों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया, जिससे पूर्व चेयरमैन के मकान के सामने बनी संरचनाएं प्रभावित हुईं।

सपा की पूर्व चेयरमैन का आरोप: 'रंजिश में घर पर चलवाया बुलडोजर'

सपा की पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि ने वर्तमान चेयरमैन पर राजनीतिक विद्वेष और बदले की भावना से कार्रवाई करने का सीधा आरोप लगाया है:

  • माया वाल्मीकि का आरोप है कि वर्तमान चेयरमैन आशा रानी जानबूझकर बुलडोजर लेकर उनके घर के बाहर पहुंचीं और मकान के नीचे बनी सुरक्षा रेलिंग को तुड़वा दिया, जिससे उनका मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

  • उन्होंने आरोप लगाया कि इस तोड़फोड़ के चलते बारिश का गंदा पानी उनके घर के भीतर घुसने लगा।

  • पूर्व चेयरमैन का दावा है कि जब उन्होंने नगर पंचायत के जूनियर इंजीनियर (JE) और चेयरमैन द्वारा की जा रही मनमानी तोड़फोड़ का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो वर्तमान चेयरमैन और उनके समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।

वर्तमान चेयरमैन का पलटवार: 'चुनावी रंजिश के चलते विकास कार्यों में डाल रहीं बाधा'

वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी की वर्तमान चेयरमैन आशा रानी कबीर ने पूर्व चेयरमैन के सभी आरोपों को मनगढ़ंत और तथ्यहीन बताया है:

  • आशा रानी का कहना है कि वे स्थानीय लोगों के बुलाने पर जनता की सुविधा के लिए नाली निर्माण का निरीक्षण करने गई थीं।

  • उनका आरोप है कि जब सरकारी काम चल रहा था, तभी पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि अपने परिजनों व समर्थकों के साथ मौके पर आ धमकीं और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते हुए सरकारी काम रुकवाने की कोशिश की।

  • वर्तमान चेयरमैन ने दावा किया कि जब उन्होंने समझाने का प्रयास किया, तो पूर्व चेयरमैन ने आक्रामक होकर उन पर हमला कर दिया और हाथापाई शुरू कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि निकाय चुनाव हारने के बाद से ही पूर्व चेयरमैन कस्बे के विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने और रंजिश निकालने की कोशिश कर रही हैं।

प्रशासन और पुलिस अलर्ट, वीडियो फुटेज की हो रही जांच

सरेराह दो प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़ी महिला जनप्रतिनिधियों के बीच हुई इस हाथापाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। हालांकि घटना के तुरंत बाद दोनों ही पक्षों की ओर से थाने में कोई औपचारिक लिखित तहरीर नहीं दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस का कहना है कि कस्बे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यदि कोई भी पक्ष कानून हाथ में लेता है या शिकायत दर्ज कराता है, तो साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।