National Lok Adalat की बदली तारीख: 12 सितंबर की जगह अब 10 अक्टूबर को लगेगी अदालत; जानें ट्रैफिक चालान माफ या कम कराने का नया शेड्यूल

National Lok Adalat की बदली तारीख: 12 सितंबर की जगह अब 10 अक्टूबर को लगेगी अदालत; जानें ट्रैफिक चालान माफ या कम कराने का नया शेड्यूल

लंबे समय से पेंडिंग पड़े ट्रैफिक चालान (Pending Traffic Challans), बिजली-पानी के बिल विवाद, चेक बाउंस और छोटे दीवानी मुकदमों के त्वरित और सस्ते निपटारे का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक अहम खबर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) और ट्रैफिक पुलिस द्वारा आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) की तारीख को पुनर्निर्धारित (Reschedule) कर दिया गया है।

राजधानी में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब यह राष्ट्रीय लोक अदालत 10 अक्टूबर 2026 (दूसरे शनिवार) को सभी जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी। ऐसे में जिन वाहन चालकों को अपने चालान का निस्तारण कराना है, उन्हें अब 10 अक्टूबर का इंतजार करना होगा।

10 अक्टूबर को कहां-कहां लगेगी लोक अदालत?

10 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:00 बजे से दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों की सभी जिला अदालतों में विशेष बेंच बैठेंगी:

  • दिल्ली के सभी प्रमुख कोर्ट परिसर: तीस हजारी कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, साकेत कोर्ट, द्वारका कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर।

  • इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT), स्थायी लोक अदालतें, और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (Consumer Forums) में भी लंबित मामलों की सुनवाई की जाएगी।

ट्रैफिक चालान स्लिप कब से होगी डाउनलोड? नोट कर लें जरूरी तारीखें

लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने के लिए अग्रिम ऑनलाइन टोकन या चालान स्लिप डाउनलोड करना अनिवार्य होता है। नए शेड्यूल के तहत ट्रैफिक पुलिस ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • स्लिप डाउनलोड की नई तारीख: वाहन चालक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक लोक अदालत पोर्टल से 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:00 बजे से अपनी चालान स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।

  • दैनिक व कुल सीमा: सर्वर पर लोड और कोर्ट में भीड़ नियंत्रित रखने के लिए प्रति दिन अधिकतम 50,000 चालान स्लिप का कोटा रहेगा, और कुल 2 लाख चालानों की सीमा पूरी होते ही बुकिंग बंद हो जाएगी।

  • कौन से चालान होंगे शामिल: 30 जून 2026 तक के सभी कंपाउंडेबल (शमनीय) पेंडिंग ट्रैफिक चालान इस लोक अदालत के जरिए निपटाए जा सकेंगे।

कौन से चालान हो सकते हैं माफ या कम?

लोक अदालत में दोनों पक्षों (ट्रैफिक पुलिस और वाहन मालिक) की आपसी सहमति और जज के विवेक के आधार पर चालान का निस्तारण किया जाता है:

  • कंपाउंडेबल उल्लंघन: बिना हेलमेट ड्राइविंग, सीट बेल्ट न लगाना, जेब्रा क्रॉसिंग पार करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) न होना या वैलिड इंश्योरेंस न होने जैसे चालान लोक अदालत में शामिल होते हैं।

  • जुर्माने में भारी छूट: यदि चालान तकनीकी खामी या कैमरे की गलती से कटा है, तो अदालत उसे पूरी तरह माफ भी कर सकती है। वहीं अन्य मामलों में परिस्थितियों और वाहन चालक की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जुर्माने की राशि को घटाकर नाममात्र (जैसे ₹100 से ₹500 तक) कर दिया जाता है।

  • नॉन-कंपाउंडेबल मामलों में छूट नहीं: शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk and Drive), खतरनाक स्टंट करना या जानलेवा दुर्घटना से जुड़े गंभीर मामले लोक अदालत में सीधे तौर पर माफ नहीं होते।

लोक अदालत में जाने से पहले कैसे करें ऑनलाइन तैयारी?

  1. चालान चेक करें: परिवहन सेवा पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) या राज्य की ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट पर जाकर अपने वाहन के पेंडिंग चालान का स्टेटस देखें।

  2. 5 अक्टूबर को टोकन बुक करें: ट्रैफिक पुलिस की लोक अदालत वेबसाइट पर जाकर 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे अपने वाहन का नंबर दर्ज करें और जिस कोर्ट परिसर का स्लॉट मिले, उसका चयन करें।

  3. प्रिंटआउट जरूर लें: डाउनलोड की गई चालान स्लिप का प्रिंटआउट अवश्य निकालें, जिसमें आपकी कोर्ट का नाम, कोर्ट रूम नंबर और समय का स्लॉट दर्ज होगा।

  4. 10 अक्टूबर को समय पर पहुंचें: तय तारीख (10 अक्टूबर 2026) को अपने वाहन की आरसी (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, आईडी प्रूफ और चालान स्लिप लेकर संबंधित अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हों। वहां समझौते के आधार पर रसीद कटवाकर अपने चालान को हमेशा के लिए क्लियर करा लें।