UP Rain: यूपी में मॉनसून मेहरबान, अगले 5 दिनों तक बारिश अलर्ट, पूर्वांचल में तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बदरा

UP Rain: यूपी में मॉनसून मेहरबान, अगले 5 दिनों तक बारिश अलर्ट, पूर्वांचल में तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बदरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, यूपी में मॉनसून ने अपनी रफ्तार काफी तेज कर ली है, जिसके कारण रविवार से ही राज्य के विभिन्न जिलों में बादलों का डेरा जमा हुआ है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ झुलसाती गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत दी है, वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूरे हफ्ते प्रदेश का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। विशेषकर आगामी वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर पूर्वांचल यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी आफत की बारिश होने की प्रबल आशंका है, जिसे लेकर 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है।

12 जुलाई तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार आफत: पश्चिमी यूपी में 'वेरी हैवी रैन' की चेतावनी

लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आगामी 12 जुलाई 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने (Thunderstorm) और तेज आंधी चलने का गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के बीच स्थिति काफी संवेदनशील रह सकती है।

इस दौरान कई जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और कहीं-कहीं पर अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस मौसमी उथल-पुथल के बीच मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति अचानक आने वाले झोकों के कारण 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।

पूर्वांचल में वीकेंड पर मचेगा हाहाकार: मौसम वैज्ञानिकों ने दी बाढ़ जैसी स्थिति की चेतावनी

पूर्वी उत्तर प्रदेश (Purvanchal) के जिलों में भी बादलों के बरसने का क्रम लगातार बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के विशेष विश्लेषण के अनुसार, 8, 9 और 10 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में छिटपुट जगहों पर भारी वर्षा होगी। लेकिन असली बदलाव 10 जुलाई की शाम से देखने को मिलेगा, जब मॉनसून की ट्रफ लाइन पूर्वांचल की ओर शिफ्ट हो जाएगी।

इसके प्रभाव से 11 और 12 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। जबकि इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए किसी भी प्रकार की विशेष या रेड कैटेगरी की चेतावनी जारी नहीं की गई है, वहां केवल हल्की से मध्यम दर्जे की फुहारें पड़ सकती हैं।

बांदा और मेरठ में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा: शहरों के तापमान में आई भारी गिरावट

पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो बुंदेलखंड का बांदा जिला बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहां रिकॉर्ड 61.4 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के मेरठ में 68.2 मिलीमीटर, वाराणसी (BHU) में 32.2 मिलीमीटर, शाहजहांपुर में 24 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर में 20.8 मिलीमीटर तक पानी बरसा है।

इस झमाझम बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के अधिकांश प्रमुख शहरों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे लुढ़क गया है, जिससे लोगों को मई-जून जैसी तपन से पूरी तरह निजात मिल गई है। आईएमडी (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, भारी बारिश के कारण बांदा में अधिकतम तापमान गिरकर 30.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि इटावा में यह 32.6 डिग्री सेल्सियस, औद्योगिक नगरी कानपुर में 33.6 डिग्री सेल्सियस और राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिसने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया है।

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